8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए नए वेतन आयोग इस समय सबसे बड़े चर्चित मुद्दों में से एक है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि नई व्यवस्था में सैलरी कितनी बढ़ेगी, बल्कि यह भी है कि नए वेतन ढांचे का असर कर्मचारियों की मासिक आय, भत्तों, पेंशन, बचत और भविष्य की वित्तीय योजना पर कितना पड़ेगा। बता दें कि 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इसका इंतजार कर रहे है।
कमेटी द्वारा लगातार बातचीत और बैठक की जा रही है। गौरतलब है कि फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, भत्तों और पेंशन को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं। हालांकि, अभी सरकार की ओर से अंतिम फिटमेंट फैक्टर या नई सैलरी तय नहीं की गई है।
फिटमेंट फैक्टर पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
8th Pay Commission की चर्चा में फिटमेंट फैक्टर सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए वेतन में संशोधित करने की प्रक्रिया तय हो सकती है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा। सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्टों में कई आंकड़े सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अंतिम फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है।
माना जा रहा है कि 8th Pay Commission में मिनिमम सैलरी के तहत अच्छी खासी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा महंगाई भत्ते को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने नहीं आ रह है।
एचआरआए और दूसरे भत्तों पर भी असर
वेतन ढांचे में बदलाव होने पर कई भत्तों की गणना भी प्रभावित हो सकती है। खासकर बेसिक पे से जुड़े भत्तों में बदलाव कर्मचारी की कुल सैलरी को प्रभावित कर सकता है। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग मौजूदा कर्मचारियों के साथ पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स से जुड़े मामलों को भी देख रहा है।
सरकार के टर्मस ऑफ रिफरेंस में रिटायरमेंट लाभों से संबंधित पहलुओं को शामिल किया गया है। इसलिए पेंशनर्स के लिए भी आयोग की सिफारिशें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
