Income Tax News: 1 अप्रैल 2026 से देश में इनकम टैक्स से जुड़े कई नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और आम टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा। सबसे खास बात है कि अगर करदाता इस नए कानून को इग्नोर करते है या फिर गलतियां करते है, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एचआरए, पैन कार्ड और अन्य टैक्स नियमों में क्या बड़े बदलाव होने वाले हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
पैन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव – Income Tax News
नए नियम के मुताबिक अब आधार कार्ड के आधार पर पैन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते हैं, और आवेदकों को श्रेणी-विशिष्ट फॉर्म का उपयोग करना होगा। व्यक्तियों के लिए फॉर्म 93, कंपनियों के लिए फॉर्म – 94 और विदेश व्यक्तियों के लिए फॉर्म 95 और विदेशी संस्थाओं के लिए फॉर्म -96 चाहिए होगा। साथ ही 10 लाख रुपये या उससे अधिक की नकद जमा राशि, 5 लाख रुपये से अधिक के वाहन खरीद, 1 लाख रुपये से अधिक के होटल या कार्यक्रम भुगतान और 20 लाख रुपये से अधिक की अचल संपत्ति खरीद जैसे उच्च मूल्य के लेनदेन के लिए भी पैन अनिवार्य है।
नई टैक्स रिजिम के तहत को मिलेगा बढ़ावा
जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ज्यादा टैक्सपेयर्स को न्यू टैक्स रिजिम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कई छूट कम या खत्म हो सकती हैं, क्योंकि नए के मुकाबले ओल्ड टैक्स रिजिम में ज्यादा छूट है। हालांकि नए टैक्स फाइलिंग आसान बनेगी। जिससे लाखों करदाताओं को फायदा मिलेगा।
बच्चों के भत्ते में बढ़ोतरी
बच्चों की शिक्षा के लिए दिया जाने वाला भत्ता प्रति बच्चा 100 रुपये प्रति माह से बढ़कर 3000 रुपये प्रति माह हो गया है, जबकि छात्रावास खर्च भत्ता पुरानी कर व्यवस्था के तहत 300 रुपये प्रति माह से बढ़कर 9000 रुपये प्रति माह हो गया है।
लाभांश और म्यूचुअल फंड से आय – Income Tax News
लाभांश और म्यूचुअल फंड से होने वाली आय की गणना ब्याज व्यय पर किसी भी कटौती की अनुमति दिए बिना की जाएगी, चाहे उधार लिया गया हो या नहीं।
कर कटौती न करने के लिए एकल घोषणा
निवेशक अब सभी म्यूचुअल फंड इकाइयों, लाभांश और बांडों पर कर कटौती न करने के लिए एक ही घोषणा प्रस्तुत कर सकते हैं।
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव टैक्स सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। HRA क्लेम में सख्ती, पैन और आधार नियम मजबूत, डिजिटल ट्रांजैक्शन पर नजर, न्यू टैक्स रिजीम को बढ़ावा समेत कई बदलाव शामिल होंगे।
