India-EU FTA Deal से अमेरिका-चीन के उड़े होश, भारत के इन सेक्टरों को होगा जबरदस्त फायदा! समझे ये महत्वपूर्ण प्वाइंट्स

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोप के बीच एफटीए यानि फ्री ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। जिससे यूरोप से आने वाले कई चीजें सस्ती होने जा रही है।

India-EU FTA Deal

PM Modi, Ursula von der Leyen - फाइल फोटो

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोप के बीच एफटीए यानि फ्री ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। जिसके बाद यूरोप से आने वाले कई चीजें सस्ती होने जा रही है। सबसे खास बात है कि इससे दोनों देशों के कीब 200 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। मालूम हो कि हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ भारतीय प्रतिनिधियों ने बैठक की, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दोनों नेताओं के साथ मुलाकात की इस मीटिंग में दोनों के बीच समझौते का आदान-प्रदान हुआ है। दोनों देशों के बीच एफटीए पर मुहर लग गई है। चलिए आपको बताते है कि कौन सी चीजें सस्ती होने जा रही है।

India-EU FTA Deal से यूरोप से आने वाले ये चीजें होगी सस्ती

फलों के रस और गैर-अल्कोहल वाली बीयर पर यूरोपीय संघ से आयातित वस्तुओं पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। जिससे ये सब काफी सस्ती हो जाएंगी।

इंडिया-ईयू ट्रेड डील से अमेरिका चीन की बढ़ सकती है मुश्किलें

गौरतलब है कि इंडिया-ईयू ट्रेड डील से अमेरिका को तगड़ा झटका लग सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा रखा है, तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप  ग्रीनलेंड को लेने की जिद्द कर रहे है, जिसके बाद वह लगातार यूरोप के देशों को धमकी दे रहे है। इसी बीच इंडिया -ईयू के ट्रेड डील के होने से कई चीजें सस्ती होगी, जो भारत की अर्थव्यवस्था को सीधा प्रभावित करेगा। माना जा रहा है कि भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तेजी से अग्रसर हो रहा है। माना जा रहा है कि इससे चीन की भी मुश्किलें बढ़ सकती है।

एफटीए डील पर क्या बोली यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन

यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “आज यूरोप और भारत इतिहास रच रहे हैं। हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर लिया है। हमने दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। यह तो बस शुरुआत है।

हम अपने रणनीतिक संबंधों को और भी मजबूत बनाएंगे।आज दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की शुरुआत की। यह एक ऐसा मंच है जहां रक्षा उद्योग से लेकर समुद्री सुरक्षा तक, सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। विश्वसनीय साझेदार ऐसा ही करते हैं”।

 

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