Nashik News: TCS केस में पीड़िता ने महिला आयोग के सामने किए चौंकाने वाले खुलासे, कहा- ‘कंपनी में इंटरनेट के पासवर्ड तक अश्लील भाषा में…’

Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक टीसीएस कांड में चौथी पीड़िता ने महिला आयोग के सामने हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। वहीं, आरोपी दानिश शेख को यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत नहीं मिली।

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Nashik News: टीसीएस यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की नासिक ब्रॉन्च में महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार को लेकर इंटरनेट पर बवाल मचा हुआ है। हर व्यक्ति टीसीएस कांड से चकित है और इस मामले में पीड़िताओं को उचित न्याय दिलाने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में नासिक टीसीएस मामले में एक पीड़िता ने महिला आयोग के समक्ष चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ‘NDTV’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, टीसीएस कांड में चौथी पीड़िता ने बताया, ‘ऑफिस में कंपनी के इंटरनेट पासवर्ड अश्लील भाषा में रखे गए थे।’

नासिक टीसीएस कांड में पीड़िता ने किए हैरान करने वाले खुलासे

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने महिला आयोग के सामने बताया, ‘कंपनी में इंटरनेट के पासवर्ड तक अश्लील भाषा में रखे गए थे और आरोपी रजा मेमन ट्रेनिंग के समय से ही उसके साथ अश्लील बातचीत कर उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहा था। जब उसने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की तो उसे नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद दानिश और तौसीफ की मदद से उसकी डिजिटल स्टॉकिंग शुरू हुई और उसके बारे में अफवाहें फैलाई गईं।’

पीड़िता ने आगे कहा, ‘उस पल मुझे लगा कि वह मुझे ऊपर से नीचे तक देख रहा था और एक अजीब, विचित्र नजर से मुझे घूर रहा था। चूंकि उसको पता था कि मेरी कोई संतान नहीं है, इसलिए उसने मुझसे कहा, ‘मैं तुम्हें अजमेर के एक मौलवी का मोबाइल नंबर दूंगा। मैं गारंटी देता हूं कि अगर तुम अजमेर जाकर वापस आओगी, तो तुम्हें संतान सुख मिलेगा। तुम्हें सचमुच वहां एक बार जाना चाहिए।’

नासिक टीसीएस मामले में आरोपी को नहीं मिली गिरफ्तारी से राहत

वहीं, नासिक की एक अदालत ने टीसीएस के कर्मचारी दानिश शेख को कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर पेशेवर दानिश शेख को इस मामले के संबंध में दर्ज नौ एफआईआर में से एक में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

उधर, नासिक टीसीएस मामले पर एनसीडब्ल्यू यानी राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहटकर ने कहा, ‘राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और तुरंत एक फैक्ट फाइडिंग समिति का गठन किया है। हमने यहां इसकी घोषणा भी कर दी है। यह समिति पिछले दो दिनों से नासिक में है। उन्होंने पुलिस से बात की और पीड़ित महिलाओं, उनके परिवारों और कंपनी के अधिकारियों से भी बात करने की कोशिश की।’

उन्होंने कहा, ‘शिकायत मिलने के बाद समिति उनका पक्ष समझने का काम कर रही है। हमने इस समिति से 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मुझे विश्वास है कि अभी जो काम चल रहा है, वह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। पुलिस अपनी जांच कर रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग की एक समिति भी इसकी निगरानी कर रही है। आने वाले दिनों में, सभी प्रभावित महिलाएं सामने आएंगी और हमसे बात करेंगी।’

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