RSS: अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ गतिरोध के बीच अब आरएसएस की आर्थिक साखा ने मोदी सरकार से खास अपील कर दी है। हाल ही में अमेरिकी सीनेट की तरफ से एक बिल पास किया गया था। जिसमे कहा गया था कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए थे।
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आर्थिक शाखा, स्वदेशी जागरण मंच ने बुधवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह भारत की ऊर्जा नीति पर अडिग रहे और रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर नई दिल्ली पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका द्वारा टैरिफ का इस्तेमाल करने की सभी कोशिशों को खारिज कर दे। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
RSS की आर्थिक शाखा ने पीएम सरकार से कर दी खास अपील
स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने अमेरिका की सीनेट द्वारा हाल ही में पारित उस कानून पर गहरा अफसोस जताया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। संगठन ने कहा कि किसी भी देश को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और संप्रभु व्यापार नीति तय करने का अधिकार नहीं है।
एसजेएम के राष्ट्रीय सहसंयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि कानून को अभी पूरी विधायी प्रक्रिया से गुजरना बाकी है और शुल्क स्वतः लागू नहीं होंगे, लेकिन यह मुक्त एवं निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा देशों के अपनी ऊर्जा नीति तय करने के संप्रभु अधिकार के लिए गंभीर खतरा है।
रूस से तेल खरीदने का किया समर्थन
बता दें कि संगठन की तरफ से रूस से तेल खरीदने का समर्थन किया गया है। मालूम हो कि अमेरिका लगातार भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दे रहा है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खडे़ हो रहे है। यही कारण है कि स्वदेशी जागरण मंच ने मोदी सरकार से खास अपील कर दी है। बीते कई महीनों से भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक इसपर बातचीत नहीं बनी है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ भारत को अच्छा दोस्त बताते है तो वहीं दूसरी तरफ वह लगातार भारत को टैरिफ की धमकी दे रहे है। वहीं अब इस मामले में देश के भीतर से भी आवाज उठना शुरू हो गई है।
