Vande Bharat Sleeper Train: देश के सबसे चर्चित ट्रेनों में से एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसके बाद रेलवे ने अहम फैसला लिया है। मालूम हो कि मालदा से गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली सेमी हाई स्पीड स्लीपर ट्रेन चल रही है। सबसे खास बात है कि इसमें आरामदायक सफर के बाद लोकल फूड भी मिल रहा है, जो इसको सबसे अनोखा बना रहा है।
इसके अलावा इसे काफी आधुनिक बनाया गया है, जो तेजस, राजधानी से भी अत्याधुनिक बनाई गई है। सबसे खास बात है कि इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को फायदा पहुंच रहा है। इसके अलावा रेलवे नेटवर्क अब उच्च मांग वाले रात्रिकालीन मार्गों पर क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए एक विस्तारित संरचना विकसित कर रहा है।
Vande Bharat Sleeper Train में होने जा रहा है बड़ा बदलाव
भारतीय रेलवे ने हाल ही में देश की पहली स्लीपर रेल सेवा शुरू करने के बाद यात्रियों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और प्रीमियम लंबी दूरी की रेल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट का 24 कोच वाला संस्करण विकसित करने की योजना की घोषणा की है।
मौजूदा 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर, जिसने 17 जनवरी से मालदा टाउन होते हुए हावड़ा और कामाख्या को जोड़ना शुरू किया है, को यात्रियों से इसके बेहतर आराम और आधुनिक सुविधाओं के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मेक इन इंडिया पहल के तहत चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में वर्तमान में डिजाइन चरण में मौजूद 24 कोचों वाले नए ट्रेनसेट में 1,224 बर्थ उपलब्ध होंगे – जो मौजूदा 823 बर्थ वाले कॉन्फ़िगरेशन से 401 अधिक हैं। यानि अब और अधिक यात्री वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर कर सकेंगे।
गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर मिलेगा नॉनवेज फूड
मालूम हो कि रेलवे की तरफ से गुवाहाटी-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रूट पर नॉनवेज नहीं देने का ऐलान किया था, लेकिन विरोध के बाद अब खबर सामने आ रही है कि अब पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में नॉनवेज फूड भी मिलेगा। यानि अब यात्री वेज और नॉनवेज खाना का लुत्फ उठा सकेंगे।
द टेलीग्राफ के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की और उनसे वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में मांसाहारी भोजन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। रेल मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही यात्रियों के लिए मांसाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा और अगले दो-तीन दिनों में इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
