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Jewar Airport: गुरुवार को PM मोदी देंगे जेवर एयरपोर्ट की सौगात, किसान-गुर्जर लगाएंगे बीजेपी की नैया पार ?

किसान आंदोलन की आंधी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी यूपी में सियासी उड़ान भरने की तैयारी कर ली है। जेवर एयरपोर्ट के जरिए भारतीय जनता पार्टी पश्चिमी यूपी में किसानों और गुर्जरों की नाराजगी की काट ढूंढने निकल पड़ी है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बड़े और दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट का शिलान्यास करने जेवर जा रहे हैं। गौरतलब है कि, जेवर एयरपोर्ट करीब 2 दशकों से घोषणाओं और फाइलों में घूम रहा था। सबसे पहले 2001 में राजनाथ सरकार में जेवर एयरपोर्ट की फाइल बनी थी। 2007 में मायावती सरकार ने एयरपोर्ट का प्रस्ताव कांग्रेस की केंद्र सरकार को भेजा था। 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव रद्द कर दिया था। 2014 में केंद्र की BJP सरकार ने अखिलेश सरकार को DPR बनाने को कहा था। अब 2021 में योगी सरकार में जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास होने जा रहा है।

राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की होड़

फाइलों के इसी चक्रव्यूह की वजह से अब जेवर एयरपोर्ट को लेकर श्रेय लेने की होड़ मच गई है। बीजेपी और विपक्ष में घमासान छिड़ गया है। सपा-बसपा अपनी-अपनी पीठ ठोक रही है। खैर विपक्ष भले ही बीजेपी को कितना ही कोसे लेकिन एक बात तो साफ है कि बीजेपी ने जेवर एयरपोर्ट के जरिए एक तीर से कई निशाने लगाने की तैयारी कर ली है। एक तो यूपी को पांच अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बनाकर विपक्ष पर विकास का ब्रह्मास्त्र छोड़ा जा रहा है और दूसरी तरफ एयरपोर्ट के जरिए बंपर रोजगार की संभावना दिखाकर पश्चिमी यूपी की जनता को साधा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, जेवर एयरपोर्ट से तकरीबन 5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। होटल, मॉल, लेजर प्लाजा, शॉपिंग सेंटर और कन्वेंशन सेंटर बनेंगे। 150 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिलों को सीधा फायदा होगा।

जेवर एयरपोर्ट दिलाएगा फिर सत्ता ?

गौरतलब है कि पश्चिमी यूपी में इस बार माहौल बीजेपी के पक्ष में उतना दिखाई नहीं दे रहा जितना कि 2017 में था। 2017 में बीजेपी पश्चिमी यूपी की 110 सीटों में से 88 सीटें जीती थीं। लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि किसान आंदोलन और राजा मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर गुर्जरों की नाराजगी बीजेपी के मिशन पश्चिम विजय में रोड़ा अटका सकती है। जिसकी काट बीजेपी जेवर एयरपोर्ट में ढूंढ रही है। अब देखना ये है कि बीजेपी का ये प्लान कामयाब होता है या नहीं।

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