BRICS Summit 2026: पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले पाकिस्तान में दहशत, डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ी टेंशन, समझे इसके मायने

BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए शनिवार को बीजिंग से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रवाना हो चुके है।

BRICS Summit 2026

फाइल फोटो

BRICS Summit 2026: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए शनिवार को बीजिंग से रवाना हो चुके है। बता दें कि पूरे 7 साल बाद शी जिनपिंग भारत आ रहे है जो कई मायनों में खास होना जा रहा है। साथ ही पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात होगी।

इसी बीच पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि चीन पाकिस्तान का अच्छा दोस्त माना जाता है, लेकिन बढ़ते वैश्विक गतिविधियों के बाद चीन और भारत भी एक साथ नजर आ रहे है। चलिए आपको बताते है कि इसके क्या मायने है और पाकिस्तान और अमेरिका की टेंशन क्यों बढ़ गई है।

पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच होगी मुलाकात

भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि “चीन और भारत, राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं। कज़ान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे।

चीन, दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों पर अमल करने, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नज़रिए से देखने, बातचीत और सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने, और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा”।

पाकिस्तान-अमेरिका की बढ़ी टेंशन

पूरे 7 साल बाद शी जिनपिंग भारत आ रहे है BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए। शी जिनपिंग के भारत आने की खबर पर पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई है। वहीं इस मुलाकात से पहले कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या भारत और चीन के बीच कोई बड़ी डील होने जा रही है कि अगर हां तो इससे पाकिस्तान को कितना नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि वैश्विक राजनीति का चलन तेजी से बदल रहा है। वहीं पाकिस्तान के साथ अमेरिका की टेंशन बढ़ रही है। क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप को लग रहा है कि रूस, चीन और भारत मिलकर कुछ बड़ा कर सकते है। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि ब्रिक्स बैठक में कौन से बड़े फैसले होंगे।

 

 

 

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