‘सत्याग्रह का रास्ता..,’ अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया की चिट्ठी का जिक्र कर Anurag Dhanda मुखर, जस्टिस स्वर्णकांता मामले में अपडेट

आप नेता Anurag Dhanda ने मुखरता के साथ पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की चिट्ठी का जिक्र किया है। अनुराग ढ़ांडा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी सत्याग्रह का रास्ता चुन लिया है।

Anurag Dhanda

Picture Credit: गूगल (अनुराग ढ़ांडा - सांकेतिक तस्वीर)

Anurag Dhanda: राजधानी दिल्ली में शराब निति केस को लेकर खूब संग्राम छिड़ा है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता के खिलाफ जंग छेड़ दी है और उन्हें मामले की सुनवाई से हटने की मांग पर अड़े हैं। इसको लेकर क्रिया-प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी क्रम में अनुराग ढ़ांडा भी मुखर हैं। आप के वरिष्ठ नेता व राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढ़ांडा ने इस प्रकरण को लेकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की एक पत्र का जिक्र किया है। आप नेता ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी सत्याग्रह का रास्ता चुन लिया है।

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया की चिट्ठी का जिक्र कर Anurag Dhanda मुखर

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पहले ही जस्टिस स्वर्णकांता पर कई आरोप लगाकर सत्याग्रह का रास्ता चुन चुके हैं।

इस क्रम में अब पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का एक पत्र सामने आया है। मनीष सिसोदिया ने भी सत्याग्रह का रास्ता चुनते हुए जस्टिस स्वर्णकांता को लेकर चिट्ठी लिखी है। इसको साझा करते हुए अनुराग ढ़ांडा की प्रतिक्रिया सामने आई है। आप नेता लिखते हैं कि “अरविंद केजरीवाल जी के बाद मनीष सिसोदिया जी ने भी चुना सत्याग्रह का रास्ता। जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा, आपके बच्चों का भविष्य तुषार मोहता जी के हाथों में है, मुझे आपसे न्याय की उम्मीद नहीं है।” आप नेता की ये प्रतिक्रिया खूब सुर्खियां बटोर रही है।

जस्टिस स्वर्णकांता को लेकर छिड़ा सियासी घमासान!

दिल्ली शराब निती मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता को मामले की सुनवाई से हटवाना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए कई तर्क दिए हैं। जस्टिस स्वर्णकांता का आरएसएस के कार्यक्रमों में जाना, उनके बच्चों का भारत सरकार के वकील के रूप में काम करना ये तर्क अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए जा रहे हैं। आप संयोजक का मानना है कि इससे उन्हें न्याय मिलने में बाधा आ सकती है। इसी को लेकर अनुराग ढ़ांडा समेत तमाम नेता जस्टिस स्वर्णकांता को शराब निति मामले की सुनवाई से हटवाना चाहते हैं।

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