Uttam Nagar Case: सड़कों पर पसरा सन्नाटा, दुकानों पर लटक रहे ताले और पुलिस का सघन पहरा। ये दिल्ली के उत्तम नगर इलाके की हालिया स्थिति है। ईद से पहले उत्तम नगर छावनी में तब्दील हो चुका है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड फोर्स के जवान सड़कों पर पहरा दे रहे हैं। इसी बीच बीते कल दिल्ली हाईकोर्ट में उत्तम नगर केस को लेकर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ताओं के वकील रामकृष्णन ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की अगुवाई वाली बेंच के समक्ष दलीलें पेश की हैं। हाईकोर्ट ने सभी दलीलों को सुन पुलिस से कार्रवाई और ईद से पहले की गई तैयारियों की रिपोर्ट मांगी। दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष पुलिस की ओर से पेश वकील ने कुछ ब्योरा साझा किए हैं जिसको लेकर खूब खबरें भी बन रही हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट Uttam Nagar Case को लेकर हुआ सख्त!
गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उत्तम नगर केस को लेकर सुनवाई हुई। जस्टिस डीके उपाध्याय की बेंच ने ‘खून की होली’ टिप्पणी पर सख्ती दिखाई। कोर्ट ने साफ तौर पर पुलिस से अब तक उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा। साथ ही ईद की तैयारियों व सुरक्षा इंतजामों का भी जिक्र हुआ। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि वे खुली अदालत में सबकुछ साझा नहीं कर सकते।
हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि ईद खुशी मनाने का त्योहार है। ऐसे में इसका बखूबी ध्यान रखा जाए कि किसी भी व्यक्ति या समाज के किसी भी वर्ग द्वारा की गई गुंडागर्दी जैसी किसी अप्रिय घटना से आम जनजीवन बाधित न हो। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया से धरातल तक पर निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ भाषण हटाए गए हैं। ये सारे कदम उत्तम नगर में शांति बहाल करने की दिशा में ही उठाए गए हैं।
ईद से पहले उत्तम नगर मामले को लेकर गरमाया माहौल!
आगामी कल यानी शनिवार देश भर में ईद का त्योहार मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े त्योहार से पहले दिल्ली का उत्तम नगर मामला माहौल गरमाता नजर आ रहा है। बीते कल ही कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाते हुए केन्द्र को निशाने पर लिया था। तमाम अन्य नेता भी होली की अगली सुबह उत्तम नगर में बिगड़े हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने ईद से पहले देश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सबकी नजरें राजधानी के इस इलाके पर टिकीं हैं जो फिलहाल छावनी में तब्दील हो चुका है।
