‘जो मन में आया वही बोल दिया..,’ शिवाजी महाराज पर Dhirendra Shastri के बयान से घमासान, जानें क्यों लगा इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप?

कथावाचक Dhirendra Shastri पर इतिहास से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं। नागपुर में शिवाजी महाराज पर बागेश्वर बाबा की टिप्पणी सुर्खियों में है और इसको लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

Dhirendra Shastri

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Dhirendra Shastri: नागपुर दौरे पर रहे बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर की एक टिप्पणी को लेकर घमासान छिड़ गया है। दरअसल, कथावाक धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, कि इसको लेकर उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। धीरेन्द्र शास्त्री की टिप्पणी पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री ने जो मन में आया वही बोल दिया और महाराष्ट्र का अपमान किया है। इससे इतर संभाजी ब्रिगेड ने भी बागेश्वर बाबा की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। उन पर इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे हैं।

शिवाजी महाराज पर Dhirendra Shastri के बयान से घमासान!

महाराष्ट्र से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री की टिप्पणी को लेकर घमासान छिड़ा है।

मराठाओं की शान शिवाजी महाराज पर बागेश्वर बाबा की टिप्पणी उनकी मुश्किलें बढ़ा रही है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इसको लेकर कहा कि “क्या उन्होंने (धीरेन्द्र शास्त्री) शिवाजी महाराज का इतिहास पढ़ा है? उन्होंने जो मन में आया वही बोल दिया और महाराष्ट्र का अपमान किया। उन्हें शिवाजी महाराज का अपमान करने का अधिकार किसने दिया?” इससे इतर संभाजी ब्रिगेड ने भी धीरेन्द्र शास्त्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। विपक्ष द्वारा बागेश्वर बाबा की टिप्पणी को इतिहास को विकृत करने का भाजपा समर्थित प्रयास बताया गया है।

जानें क्यों बागेश्वर बाबा पर लगे इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप?

बागेश्वर बाबा पर कांग्रेस नेता इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा था कि लगातार युद्ध और संघर्ष के कारण शिवाजी महाराज थक गए थे। उन्होंने आगे कहा कि शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट समर्थ रामदास स्वामी के चरणों में रख दिया था, जिसे बाद में गुरु के आदेश पर उन्होंने वापस लिया। धीरेन्द्र शास्त्री की इस टिप्पणी को लेकर उन पर इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप लग रहे हैं। मालूम हो कि शिवाजी महाराज ने बीजापुर सल्तनत, मुगल साम्राज्य और यूरोपीय औपनिवेशिक शक्तियों को जंग-ए-मैदान में धूल चटाई थी। उनकी वीरता के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं।

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