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जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पांच जवान हुए शहीद, देश याद रखेगा उनका बलिदान

सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले से एक ख़बर आई की आतंकियों के साथ चल रहे एनकाउंटर में हमारी सुरक्षाबलों के पांच जवान वीरगति को प्राप्त हुए। जिन पांच जवानों ने देश की खातिर बलिदान दिया उनमें एक जूनियर कमीशंन्ड ऑफिसर भी था

बताया जा रहा हैं कि सुरक्षाबलों को जैसे सूचना मिली कि तड़के सुरनकोट में डीकेजी के नजदीक एक गांव में कुछ आतंकवादी छुपे हुए हैं, उन्होंने फौरन वहां की घेराबंदी कर दी तभी गोलीबारी शुरू हो गई। इसी गोलीबारी में हमारे पांच जवान शहीद हो गए।

जिन पांच जवानों ने अपनी जाने गवाई उनके नाम वैसाख एच, जसविंदर सिंह, गज्जन सिंह, सरज सिंह और मनदीप सिंह बहादुर हैं। इन जवानों की शहीदी पर आज पूरा देश गमनूमा हैं।इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चिन्नी ने नायब सूबेदार जसविंदर सिंह, मनदीप सिंह और सिपाही गज्जन सिंह के परिवारों जो इस वक्त शोक संतप्त हैं, उन्हें 50-50 लाख रुपयों की अनुग्रह राशि और परिवार में एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया हैं।

एनकाउंटर में शहीद हुए जवान

बेटे ने देश के लिए दिया बलिदान

शहीद जवान नायक सूबेदार जसविंदर सिंह जिनके पिता का नाम हरभजन सिंह था, वह पंजाब में गांव मनन तलवाड़ी के रहने वाले थे। उनके पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, वह एक कप्तान के रूप में सेना से रिटायर हुए थे। जसविंदर सिंह के दो भाई हैं, उनके बड़े भाई राजिंदर सिंह भी सेना में रह चुके हैं। घर में जसविंदर सिंह के दो बच्चे और उनकी पत्नी जिनका नाम सुखप्रीत कौर हैं वह भी रहती हैं। शहीद के पार्थिव शरीर को मनन तलवाड़ी भेजा जा रहा हैं, जहां उनके परिवार के सामने उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पिता से कभी ना मिल पाएगा बेटा

शहीद जवान मनदीप सिंह जिनकी उम्र महज 30 साल थी। वह पंजाब के गुरदासपुर के गांव चट्टा के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी एक वृद्ध मां मनजीत कौर पत्नी मनदीप कौर और दो छोटे बच्चे हैं। उनका एक बेटा जो 4 साल का हैं तो दूसरा अभी महज 39 दिन का हैं, अब वह कभी अपने पिता को नहीं देख पाएगा। इसी महीने 16 तारीख को मनदीप सिंह का जन्मदिन था, मनदीप के चचेरे भाई और गांव वालों ने कहा कि हमें नाज हैं मनदीप सिंह पर जिसने देश के खातिर अपना बलिदान दे दिया। उनके दो भाई हैं पहला भाई जागरूक सिंह सेना में हैं और दूसरा भाई दोहा-कतर में काम करता हैं। मनदीप सिंह की मां ने कहा मेरा बेटा इस दुनिया से जा चुका हैं लेकिन मुझे उसकी शहादत पर नाज़ हैं।

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आतंकियों को मुंहतोड़ जबाव दिया शहीद गज्जन सिंह ने

गज्जन सिंह जो देश की रक्षा करते-करते कुर्बान हो गए, वह अपने आखिर वक्त में भी देश की रक्षा में लगे थे। वह आतंकियों को मौत के घाट उतारने के लिए एनकाउंटर का मोर्चा संभाल रहे थे। गज्जन सिंह जो रूपनगर जिले के पचरंदा गांव के रहने वाले थे, उनकी अभी चार महीने पहले ही शादी हुई थी। घर में उनकी पत्नी हरप्रीत कौर हैं।

सरज सिंह की शहीदी ने देश को किया गमगीन

सरज सिंह जो उत्तर प्रदेश के शाहजहापुर जिले में अख्तयारपुर धावकल के रहने वाले थे। उनके शहीद होने के बाद उनके पूरे गांव में गमगीन माहौल हैं। सरज सिंह जो आतंकियों को तलाशने के अभियान में शामिल थे, उन्हें आतंकियों ने कायरतापूर्वक तरीके से छुपकर मारा। जिसमे सहज सिंह वीरगति को प्राप्त हुए।

वैसाख को केरला रखेगा याद

केरला के एच कोलम जिले के रहने वाले थे वैसाख, उन्होंने अपनी पूरी ताकत के साथ आतंकियों से लोहा लिया। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर काफी गोलीबारी करी जिसमे हमारे 5 जवान शहीद हो गए। जिस वक्त जवान घायल हुए उसी वक्त उन्हें हस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। देश उनके बलिदानों को हमेशा याद रखेगा।

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