51 साल बाद Assam-Arunachal Border Issue का ऐतिहासिक निपटारा, गृहमंत्री Amit Shah बोले-‘पूर्वोत्तर के विकास में मील का पत्थर

असम-अरुणाचल प्रदेश के बीच आज गुरुवार 20 अप्रैल 2023 को 51 साल बाद ऐतिहासिक समझौता हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों ने एक अन्तर्राज्यीय सीमा विवाद के निबटारे के समझौते पर दस्तखत कर दिए।

Assam-Arunachal Border Issue: असम-अरुणाचल प्रदेश के बीच आज गुरुवार 20 अप्रैल 2023 को 51 साल बाद ऐतिहासिक समझौता हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों ने एक अन्तर्राज्यीय सीमा विवाद के निबटारे के समझौते पर दस्तखत कर दिए। असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें दोनों राज्यों के सीएम ने जमीन के बराबर-बराबर बांट देने पर सहमति जताई। गृह मंत्री अमित शाह लंबे समय से इस विवाद को खत्म करने के प्रयासों में लगे हुए थे। जो आज आखिरकार सफल हो गए।

जानें क्या था सीमा विवाद

असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच करीब 804 किमी में बसे 123 गांवों की पहचान और इनके सीमा निर्धारण को लेकर 1972 से आपसी विवाद चला आ रहा था। जिसमें 36 गांवों का तो समझौता पूर्व में हो गया था। किंतु आज शेष 87 गांवो के भी सीमांकन हो जाने से 50 साल से चली आ रही सीमा विवाद की लडाई का केंद्र सरकार ने पटाक्षेप कर दिया।

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शाह बोले- पूर्वोत्तर के विकास में मील का पत्थर

पूर्वोत्तर के लिए इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 1972 से अब तक सीमा विवाद को सुलझाया नहीं जा सका। 1972 से लोकल कमीशन की रिपोर्ट सरकारों से लेकर कोर्ट तक विवाद से ग्रस्त रहीं। उस रिपोर्ट को एक प्रकार से दोनों राज्यों की सरकार ने स्वीकार कर लिया है। करीब 800 किमी की असम- अरुणाचल प्रदेश की सीमा का विवाद समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज हमने एक विकसित, शांतिपूर्ण और संघर्ष मुक्त पूर्वोत्तर की स्थापना के लिए मील का पत्थर पार कर लिया है। इसके लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री को बधाई देना चाहता हूं। आज दोनों मुख्यमंत्रियों ने एक कमेटी बनाई।स्थानीय लोगों से बात की। गांव के लोगों का साथ लिया और सबको समाहित करके विवाद का निपटारा किया। समझौते के बाद जहां हिमंत विस्वा सरमा ने बड़ा और सफलता पाने वाला समझौता बताया तो वही दूसरी ओर पेमा खांडू ने इस समझौते को उपलब्धि और ऐतिहासिक बताया।

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