Homeदेश & राज्यकेंद्र सरकार के कृषि कानून वापस लेने के बाद देशभर में कैसा...

केंद्र सरकार के कृषि कानून वापस लेने के बाद देशभर में कैसा है माहौल

आज सुबह राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है, इस ऐलान के बाद से देशभर के किसान काफी खुश हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर जश्न का माहौल बना हुआ है, लोग जिंदाबाद के नारे लगा रहें हैं, भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि यह हार या जीत की बात कभी भी नहीं थी क्योंकि हम अपने ही देश के लोगों से बात कर रहे थे।

भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जिनपर सरकार से बात करना अतिआवश्यक है। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा तो प्रधानमंत्री मोदी ने कर दी है लेकिन यह संसद के जरिए ही वापस लिया जा सकता है, इसके अलावा जिन किसान भाईयों को आंदोलन के समय गिरफ्तार किया गया उनपर मुकदमे चलाए गए उनका क्या होगा यह एक अहम सवाल है।

जश्न मनाते किसान

सरकार ने जब से कृषि कानूनों को वापस लिया है उस वक्त से उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लगातार जश्न मनाने की खबरे सामने आ रही हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर ढोल बजाकर जीत का जश्न मनाया गया तो मुजफ्फरनगर में लोगों ने जमकर डांस किया। किसान इस ऐलान से बेहद खुश है लेकिन उनका कहना है कि जब तक यह कानून संसद से वापस नहीं लिए जाते उस वक्त तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा, इसके अलावा हमें सरकार से कई और अहम मुद्दों पर चर्चा करनी है।

जश्न मनाते किसान

कानपुर के मंधना में किसानों ने जमकर आतिशबाजी कर अपनी खुशियों को जाहिर किया, उस इलाके के किसानों ने अपने खेतों में फुलझड़ी जलाकर एक दूसरे के साथ अपनी खुशियां बांटी। किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री थोड़ा देर से आए लेकिन दुरुस्त लौटे हैं।

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जश्न मनाते किसान

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि यह देशभर के किसानों के एकता के कारण संभव हो पाया है। हमने इसके लिए एक लंबा संघर्ष किया है और आज गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर जो यह सूचना मिली, मैं इसके लिए बहुत प्रसन्न हूं। मैं हर एक देशवासी को शुभकामनाएं देता हूं और उनका शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी हमारा साथ दिया।

जश्न मनाते किसान

मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसानों ने सरकार का धन्यवाद किया और उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह अपना यह ऐलान लिखित में दे। मुरादाबाद में भारतीय किसान यूनियन (असली) के प्रवक्ता चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इस संघर्ष में शहीद हुए 700 किसान को शहादत देनी चाहिए।

चौधरी हरपाल सिंह ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को किसानों से माफी मांगनी चाहिए, अगर वह किसानों की मांग पहले सुन लेते और कृषि कानून वापस ले लेते तो इतने बेकसूर किसानों की शहादत नहीं होती। चौधरी हरपाल सिंह ने सरकार से मांग की है कि वह एमएसपी कानून को पारित करे।

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