Mohan Yadav: हर साल 17 मई को विश्व दूरसंचार एवं सूचना सोसायटी दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लॉजिस्टिक और इंटरनेट टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। ऐसे में इस खास दिन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बधाई देते हुए सभी वैज्ञानिकों को नमन किया। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर ने अपने खास संदेश के जरिए प्रदेशवासियों को अहम जानकारी भी दी। सीएम ने एक्स यानी ट्विटर पर इस संबंध में पोस्ट कर डिटेल साझा की।
सीएम मोहन यादव ने ‘विश्व दूरसंचार दिवस’ पर दी बधाई
एक्स पर एमपी सीएम मोहन यादव ने लिखा, ‘विश्व दूरसंचार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। संचार क्रांति ने विभिन्न माध्यमों से दूरियां समेटकर विश्व को परिवार जैसा बना दिया है, जीवन सहज हुआ है। इस अवसर पर उन सभी वैज्ञानिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने संचार माध्यमों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।’
विश्व दूरसंचार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
संचार क्रांति ने विभिन्न माध्यमों से दूरियां समेटकर विश्व को परिवार जैसा बना दिया है, जीवन सहज हुआ है। इस अवसर पर उन सभी वैज्ञानिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने संचार माध्यमों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। pic.twitter.com/MZXQkJ1BUA
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 17, 2026
इस बार क्या है ‘विश्व दूरसंचार दिवस’ की थीम?
मालूम हो कि इस दिवस की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा की गई थी। 17 मई 1865 को अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की स्थापना हुई थी, इसलिए इसी दिन को विश्व दूरसंचार दिवस के रूप में चुना गया। विश्व दूरसंचार दिवस 2026 के लिए ‘डिजिटल नवाचार के जरिए सतत विकास को बढ़ावा देना,’ थीम रखी गई है। इस दिन को इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी के महत्व को समझाने के लिए रखा गया है। डिजिटल तकनीक को गांवों और दूरदराज इलाकों तक पहुंचाना। साइबर सुरक्षा और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना। साथ ही नई तकनीकों जैसे- एआई और 5जी के उपयोग पर जागरूकता बढ़ाना इस दिन के मुख्य मकसद हैं।
सीएम मोहन यादव ने बैठक में दिए अहम निर्देश
वहीं, बीते दिनों एमपी सीएम मोहन यादव ने विभिन्न विभागों के चुनिंदा कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सीएम ने कहा, ‘गर्मी के मौसम में सभी के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसकी ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर समीक्षा करें। जल संरक्षण के कार्यों के लिए आमजनों को प्रोत्साहित करते हुए ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’ अभियान चलाया जाएगा।’
उन्होंने आगे कहा, ‘खंडवा-बुरहानपुर की मंडियों में कपास उत्पादन में मंडी शुल्क 1 रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए। कृषि को लेकर नवाचार और नई योजनाओं की समीक्षा की। बायोमेट्रिक अटेंडेंस एक नवाचारी पहल है और इसका फीडबैक अच्छा है। अब इसे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू करने के लिए कहा।’
