Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। जो पानी जीवन देता है उसी ने 15 जिंदगियां छीन ली। विपक्ष लगातार मध्यप्रदेश सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। वहीं अब बीजेपी नेता उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार से बड़ी मांग कर दी है, साथ ही मोहन यादव सरकार के लिए इसे परीक्षा की घड़ी बताई है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 15 लोगों की दूषित पानी से मौत हो चुकी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े महत्वपूर्ण अपडेट।
दूषित पानी पीने से मौत का आंकड़ा पहुंचा 15 – Indore News
जानकारी के मुताबिक अभी तक दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई है। जिसमे कई बच्चे शामिल है। इसके अलावा दर्जनों अस्पताल में भर्ती है। अब खबर सामने आ रही है कि इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है, साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार से इससे जुड़ी जानकारी मांगी है। जानकारी के मुताबिक जबलपुर के न्यायाधीशों की दो सदस्यीय पीठ ऑनलाइन कार्यवाही करेगी। अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो चुकी है। कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर तंज कसा है।
उमा भारती ने मोहन यादव सरकार से कर दी बड़ी मांग
बीजेपी नेता उमा भारत ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।
प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा”।
राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर कसा तंज
इस मामले में राहुल गांधी ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
ये ‘फोकट’ सवाल नहीं – ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है – कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं”।वहीं शुरुआती रिपोर्टों में पीने के पानी के नमूनों में “सीवर के पानी में आमतौर पर पाए जाने वाले” बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
