Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव की अगुवाई में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनता के लिए पूरी ईमानदारी के साथ विकास कार्यों को पूरा कर रही है। डबल इंजन की सरकार ने अभी तक कई जनहित कार्यों को संपन्न किया है। वहीं, एमपी सरकार राज्य के प्रशासन को डिजिटलीकरण की ओर बढ़ा रहा है, जिससे निवासियों को प्रमुख सेवाएं बिना किसी दिक्कत के घर बैठे ही मिल रही हैं। एमपी सरकार ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को तेज, सरल और पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रही है।
मोहन यादव सरकार डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ा रही कदम
बीजेपी के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार काफी तेजी से डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में अपने कदम बढ़ा रही है। ऐसे में एमपी सरकार ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ और मोबाइल ऐप को लॉन्च किया है। इसके तहत सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। जिससे जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बिजली बिल, भूमि रिकॉर्ड जैसी सेवाएं अब डिजिटली तौर पर ली जा सकती है। इससे नागरिकों का समय और मेहनत दोनों बचेगा। साथ ही सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके अलावा, एमपी सरकार योजनाओं का पैसा सीधे बैंक खाते में देगी। इससे शासन में भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में डिजिटल सुशासन में नई पहचान गढ़ता ‘मध्यप्रदेश’
➡️‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ के माध्यम से नागरिकों को मिल रहा है तेज, सरल और पारदर्शी सेवाओं का लाभ@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/A6sHuBKhD8
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 21, 2026
सीएम मोहन यादव ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को किया मजबूत
गौरतलब है कि एमपी में मोहन यादव सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम किया है। इसके तहत बीजेपी सरकार ने प्रदेश के गांव-गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रयास किया है। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर्स के जरिए सभी सरकारी सेवाओं को सूचीबद्ध किया है। एमपी सरकार के इस कदम से डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, एमपी सरकार अब डेटा एनालिटिक्स से फैसले ले रही है। ताकि योजनाओं की निगरानी और सुधार आसान से मैनेज किए जा सके।
इतना ही नहीं, बीजेपी की मोहन सरकार ने हेल्थ और एजुकेशन सिस्टम में भी डिजिटल प्रणाली को लागू करने का प्रयास किया है। इसके तहत एमपी सरकार ने अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्कूलों में डिजिटल क्लास के साथ ई-लर्निंग जैसे कदम उठाए हैं। उधर, सरकार ने लोगों की तसल्ली के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही को भी निर्धारित किया है।
