Mohan Yadav: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमता में तेजी से इजाफा हो रहा है। साथ ही इसका दायरा भी काफी तेजी से फैल रहा है। यही वजह है कि देश की कई राज्य सरकारें भी एआई को अपने प्रदेश की व्यवस्था को बनाए रखने और आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार भी एआई की तरफ रुख कर रही है। एमपी सरकार प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ को स्टार्ट किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से राज्य के कई क्षेत्रों को सीधे तौर पर बड़ा लाभ हो सकता है।
CM Mohan Yadav ने ‘स्टेट एआई मिशन’ को किया स्टार्ट, मिलेगा भारी फायदा
ऐसे में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया, ‘मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने तथा शासन की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए ‘स्टेट एआई मिशन’ प्रारंभ करने के विषय में आज कैबिनेट बैठक में साथी मंत्रीगणों को अवगत कराया।’
मध्यप्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है…
प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने तथा शासन की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए ‘स्टेट एआई मिशन’ प्रारंभ करने के विषय में आज कैबिनेट बैठक में साथी मंत्रीगणों को अवगत कराया।…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 23, 2026
सीएम मोहन ने आगे बताया, ‘इसके माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जोखिमों की पूर्व पहचान और बेहतर निर्णय क्षमता सुनिश्चित होगी। मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू करते हुए वर्ष 2026-27 में आधारभूत तैयारी, 2027-28 में व्यापक क्रियान्वयन और 2028 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।’
मोहन यादव सरकार किसानों के जीवन को बना रही समृद्ध
बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार मध्य प्रदेश के किसानों और उद्योगपतियों को बराबरी के साथ आगे बढ़ाने पर फोकस कर रही है। बीते दिनों मोहन यादव सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की जीवनशैली को बेहतर करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। वहीं, एमपी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी किसान खुशहाल और समृद्ध बनें, ताकि मध्य प्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो सके। ऐसे में सरकार ने बीते दिन भोपाल से आगर-मालवा जिले के हर खेत तक पानी पहुंचाने और 4800 हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचित करने का कार्य किया।
