Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की तस्वीर बदलने में जुटी राज्य सरकार हर मोर्चे पर नई नीतियों का निर्माण कर रही है। दुग्ध उत्पादन जगत भी इससे अछूता नहीं रहा है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार मध्य प्रदेश को देश का मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य रखती है। इस क्रम में अगले 5 वर्षों में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में राज्य का योगदान 9 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का लक्ष्य है। पशुपालक किसानों के लिए इस लक्ष्य के तहत लगातार नई नीतियों से अवगत कराया जा रहा है। मोहन यादव की सरकार के प्रयासों का असर भी नजर आया है। राज्य में दुग्ध उत्पादन की वृद्धि दर लगभग 5.95 फीसदी दर्ज की गई है।
राज्य को देश का ‘मिल्क कैपिटल’ बनाएगी Mohan Yadav सरकार!
सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार राज्य को देश का मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मध्यप्रदेश – देश की मिल्क कैपिटल बनने की ओर🥛🐄
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पशुपालन, सहकारिता और आधुनिक डेयरी प्रबंधन के साथ प्रदेश गढ़ रहा है दुग्ध समृद्धि के नए आयाम#HBDMohanYadav #सबके_मोहन_यादव@DrMohanYadav51… pic.twitter.com/3rMIHWWrj3
— MP MyGov (@MP_MyGov) March 25, 2026
मिल्क कैपिटल का आशय सूबे में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करना है। हाल ही में जारी आंकड़ों की मानें तो मध्य प्रदेश में वर्ष भर में 22.6 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध का उत्पादन होता है। ये मात्रा भारत के कुल दुग्ध उत्पादन का 9.12 फीसदी है। सरकार इसे बढ़ार 20 फीसदी तक करना चाहती है। इसी क्रम में पशुपालकों के लिए तमाम तरह की प्रोत्साहन योजनाएं लाई जा रही हैं। मोहन यादव सरकार प्रदेश के 50 फीसदी गांवों को दुग्ध संग्रहण नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। ऐसा होने के बाद मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड दुग्ध का उत्पादन होगा और सूबे की स्थिति बदलेगी।
पशुपालक किसानों की होगी मौज!
सरकार द्वारा मध्य प्रदेश का मिल्क कैपिटल बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका सीधा लाभ पशुपालक किसानों को हो रहा है। पशुपालक किसानों तक राज्य सरकार की तमाम प्रोत्साहन योजनाएं पहुंच रही हैं। इसका असर ये है कि लोग अत्याधिक गाय-भैंस व अन्य घरेलू जानवरों को पाल रहे हैं। इससे दुग्ध का उत्पादन बढ़ रहा है और पशुपालक किसान दुग्ध बेचकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। मोहन यादव सरकार की पहल सीधे तौर पर पशुपालक किसानों को लाभान्वित करते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है।
