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Maulana Mahmood Madani: ‘मुस्लिम युवाओं को आतंक के रास्ते पर..,’ जमीयत उलमा-ए-हिंद चीफ के ‘जिहाद कॉल’ पर VHP सख्त, तुरंत आया करारा जवाब

मुसलमानों के चर्चित प्रतिनिधी Maulana Mahmood Madani ने विवादित बयान देते हुए 'जिहाद कॉल' का जिक्र किया है जिस पर विश्व हिंदू परिषद की तल्ख प्रतिक्रिया सामने आई है। वीएचपी प्रवक्ता ने करारा जवाब देते हुए मौलाना मदनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Maulana Mahmood Madani
Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Maulana Mahmood Madani: भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम ने आज पूरे देश को आकर्षित किया है। ये कार्यक्रम जमीयत उलमा-ए-हिंद की राष्ट्रीय शासी निकाय की बैठक से जुड़ा था जिसको मौलाना मदनी ने संबोधित किया है। मौलाना महमूद मदनी ने ‘जिहाद कॉल’ को लेकर ऐसी बात कही है जो सुर्खियों का विषय बना है। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी मौलाना महमूद मदनी के भड़काऊ बयान पर सख्त जवाब दिया है। वीएचपी प्रवक्ता ने कहा है कि मौलाना मदनी मुस्लिम युवाओं को गुमराह करते हुए उन्हें आतंकवाद के रास्ते पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जमीयत उलमा-ए-हिंद चीफ Maulana Mahmood Madani को वीएचपी का करारा जवाब

भोपाल में जिहाद, लिंचिंग और अत्याचार जैसी बातें करने वाले मौलाना मदनी को विश्व हिंदू परिषद की ओर से करारा जवाब मिला है।

वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि “अगर मौलाना मदनी जैसे नेत मुसलमानों को ‘जिहादी’ कहते हुए उन्हें अत्याचार का शिकार और सभी से ‘जिहाद’ करने का आह्वान करते हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि क्या सभी स्वतंत्रता सेनानी और सेना के जवान ‘मुर्दा कौम’ हैं? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च होना चाहिए और सर्वोच्च कार्य भी करना चाहिए। क्या वे उन्हें इसके लिए प्रमाणपत्र देंगे? यह ‘जिहाद’ की पराकाष्ठा है। उन्होंने मुस्लिम युवाओं को गुमराह किया है, उन्हें आतंकवाद के रास्ते पर धकेलने का प्रयास किया है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

जमीयत उलमा-ए-हिंद चीफ मौलाना महमूद मदनी के भड़काऊ बयान पर इसे विश्व हिंदू परिषद का करारा जवाब माना जा रहा है।

भोपाल में मौलाना मदनी का भड़काऊ बयान!

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मौलाना मदनी ने कई विवादित बयान दिए हैं।

जमीयत उलमा-ए-हिंद चीफ ने कहा है कि “इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद को दुर्व्यवहार, संघर्ष और हिंसा का पर्याय बना दिया है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, तालीम जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल मुसलमानों की आस्था का अपमान करने के लिए किया जाता है। कुरान में जिहाद का इस्तेमाल कर्तव्यों, समाज और मानवता के कल्याण के अर्थ में किया गया है। जब इसका इस्तेमाल युद्ध के लिए किया गया है, तो इसका इस्तेमाल उत्पीड़न और हिंसा को खत्म करने के अर्थ में किया गया है। इसलिए जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा।”

भड़काऊ बयान देते हुए मौलाना मदनी ने आगे कहा कि “#मुर्दा कौम मुश्किलों में नहीं उलझते। वे आत्मसमर्पण कर देते हैं। उन्हें वंदे मातरम कहने को कहा जाएगा और वे तुरंत ऐसा करना शुरू कर देंगे। यही मुर्दा कौम की निशानी है। अगर यह ज़िंदा कौम है, तो मनोबल बढ़ाना होगा और स्थिति का डटकर सामना करना होगा।”

कथित रूप से इसी विवादित बयान को लेकर मौलाना महमूद मदनी की आलोचना हो रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में मौलाना मदनी का बयान सुर्खियां बटोर रहा है और बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत अन्य हिंदूवादी संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

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