Nashik News: महाराष्ट्र की हाईटेक सिटी के रूप में विकसित हो रही नासिक से आई खबर ने सभी को चौंका दिया है। कंपनी के ही कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद टीसीएस फ्रंटफुट पर है। टीसीएस की ओर से बयान जारी कर आरोपी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही आश्वस्त किया गया है कि कंपनी जांच में पूरी सहयोग देने के लिए तैयार है। टीसीएस की शून्य-सहिष्णुता नीति के तहत आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। ये सबकुछ तब हुआ है जब पुलिस एक्शन में है।
पुलिस एक्शन के बीच TCS ने आरोपियों को निलंबित कर दिया अपडेट!
कंपनी के कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के बाद पुलिस एक्शन में है। इसी बीच टीसीएस ने अहम जानकारी साझा की है।
नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस की शाखा में कार्यरत कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे। इसके बाद टीसीएस ने आरोपी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि “टीसीएस उत्पीड़न और किसी भी प्रकार के दबाव के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति अपनाती है। नासिक में हुई घटना की जानकारी मिलते ही तुरंतजांच के दायरे में आए लोगों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।”
टीसीएस की ओर से ये बयान ऐसे समय में जारी किए गए हैं जब महाराष्ट्र में इस मसले को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है।
यौन उत्पीड़न एवं धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सख्त हुई पुलिस!
महाराष्ट्र पुलिस की नासिक यूनिट शहर में स्थित टीसीएस फर्म में यौन उत्पीड़न व धर्मांतरण के आरोपों के बाद सख्त है। पुलिस की ओर से आठ महिलाओं की शिकायत के आधार पर छह पुरुष कर्मचारी व एचआर पद पर कार्यरत एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। सीएम देवेन्द्र फडणवीस के निर्देशों के बाद एसआईटी का गठन भी हुआ है जो मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस का साफ कहना है कि दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि एक नजीर बने।
