पश्चिम एशिया संघर्ष से क्या प्रभावित होगा भारतीय कृषि जगत? लोकसभा से PM Modi ने किसानों को किया आश्वस्त, तेल-गैस निर्यात पर भी बोले

PM Modi ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष पर सदस्यों को संबोधित किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने सभी भारतीयों को आश्वस्त करते हुए उनके हित में सरकार के तत्पर रहने की बात कही है।

PM Modi

Picture Credit: गूगल (लोकसभा में संबोधन के दौरान पीएम मोदी)

PM Modi: संसद के पटल से आज पीएम मोदी ने देशवासियों को कई पहलुओं पर जानकारी दी है। लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष का जिक्र किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि देश में अन्न के साथ रसायन पदार्थों का भंडारण पर्याप्त है। साथ ही पीएम मोदी ने भारत सरकार द्वारा तेल, गैस व ऊर्जा के अन्य स्रोत के आयात पर भी प्रकाश डाला है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारती की डिप्लोमेसी विश्व में शांतिपूर्ण माहौल की पक्षधर है। इसी दिशा में भारत लगातार प्रयास कर रहा है।

लोकसभा में PM Modi का खास संबोधन!

संसद सत्र के बीच आज पीएम मोदी ने लोकसभा में संसद सदस्यों को संबोधित किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश के किसानों से लेकर व्यवसायियों व अन्य सभी वर्ग के लोगों को आश्वस्त किया है।

पीएम मोदी ने हालिया स्थिति को लेकर कहा कि “खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि संसद से इस संकट के संबंध में एक एकीकृत आवाज और आम सहमति विश्व तक पहुंचे।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि “जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।”

पश्चिम एशिया की स्थिति पर पीएम मोदी ने कहा कि “हम लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है।”

छात्रों से लेकर कामगारों तक को सुरक्षित निकाल रही केन्द्र सरकार!

ईरान पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों के बीच केन्द्र सरकार भारतीय छात्रों के साथ कामगारों को भी वहां से भारत ला रही है।

आंकड़े साझा करते हुए पीएम मोदी ने लोकसभा में बताया कि “युद्ध शुरू होने के बाद से 375000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से भारत लौट चुके हैं। ईरान से अब तक लगभग 1000 भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं, जिनमें से 700 से अधिक मेडिकल छात्र हैं। स्थिति को देखते हुए, सीबीएसई ने खाड़ी देशों के स्कूलों में कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और छात्रों की शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस, उर्वरक और कई आवश्यक वस्तुएं होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से भारत आती हैं।”

भारतीय पीएम ने आगे बताया कि “युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद, हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित न हो। जैसा कि हम सभी जानते हैं, देश अपनी एलपीजी आवश्यकता का 60% आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण, सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।”

देशवासियों से पीएम मोदी की खास अपील!

लोकसभा में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों से खास अपील की है।

प्रधानमंत्री ने कोरोना काल का जिक्र कर कहा कि “इस युद्ध से दुनिया में पैदा हुई कठिन परिस्थितियों का असर लंबे समय तक रहने की संभावना है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा। हमने कोविड काल में भी ऐसी चुनौतियों का सामना एकता के साथ किया था, और अब हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है।”

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