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Holi पर मांस-मदिरा का सेवन और कीचड़ फेंकने वालों को Premanand Maharaj का सख्त संदेश! ऐसा किया तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

Premanand Maharaj

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Premanand Maharaj: बाजार की रौनक, गुलज़ार सड़कें और रेलवे स्टेशन पर अपने घर लौटने को आतुर भीड़ होली पर्व की संकेत दे रही है। 14 मार्चो को धूम-धाम से Holi मनाई जाएगी। इससे पूर्व एहतियात बरतने और कुछ चुनिंदा नियम-कानून का पालन करने के संदेश जारी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरु प्रेमानंद महाराज ने भी अपने हिस्से का पक्ष रखते हुए बताया है कि Holi 2025 पर लोगों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। Premanand Maharaj ने बताया है कि कैसे होली पर्व पर मांस-मदिरा का सेवन करने वाले और कीचड़ फेंकने वाले लोग धर्म के साथ खिलवाड़ कर हमारी सभ्यता को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Holi पर मांस-मदिरा का सेवन और कीचड़ फेंकने वालों को Premanand Maharaj का सख्त संदेश!

उत्साह-उमंग के साथ मनाए जाने वाले पर्व होली से पहले प्रेमानंद महाराज ने मांस-मदिरा का सेवन और कीचड़ फेंकने वालों को सख्त संदेश दिया है। Premanand Maharaj का कहना है कि “होलिका दहन के बाद जो लोग प्रहलाद पक्ष के थे, सुबह वहां जब गए तो देखा प्रह्लाद बैठे हुए हैं। उन्होंने बड़े आनंदित होकर ढोल-कीर्तन से होली की पूजा की और आपस में गुलाल रंग लगाकर होली मनाई। वहीं जो लोग शराब पीते हैं, गंदी हरकतें करते हैं एक दूसरे के चेहरे पर कालिक पोतते हैं या नालियों में ढकेलते हैं, वे राक्षस हिरण्यकश्यप पक्ष के माने जाते हैं। सद्भावना रखवे वाले लोग एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर, भजन गायन कर, गुजिया और मिठाई का भोग लगाकर होली मनाते हैं। ऐसे में मेरी सभी देशवासियों से अपील है कि बगैर कोई नशा किए फ्रेस माइंड के साथ होली खेलो।”

गुरु प्रेमानंद महाराज होली पर्व को लेकर आगे कहते हैं कि “यदि नशे में होली का आनंद लो तो ऐसी स्थिति में मूढ़ता छा जाती है। हमें चाहिए कि हम आनंद पूर्वक भाईचारा बनाते हुए एक-दूसरे का सम्मान करें और रंग-गुलाल लगाने के साथ होली खेलें। हम सावधानियां बरतें, ताकि नशा करके कोई झगड़ा न करे। होली के रंग में भंग करने वालों से बचें और त्योहार का आनंद लें।”

होली पर ऐसा किया तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत

भजन मार्ग के आधिकारिक यूट्यूब चैनल से जारी वीडियो में Premanand Maharaj ये कहते हुए सुने जा सकते हैं कि होली पर नशा आदि से दूर रहे। मांस-मदिरा को हाथ न लगाएं और कींचड़ फेंकने व कपड़ा फाड़ने से वर्जित करें। ऐसा होली उत्सव न मनाएं जो सभ्यता, समाज धर्म और अध्यात्म के खिलाफ हो। किसी की माता-बहन के तरफ गंदी दृष्टि से मत देखो। आप पवित्र ब्रह्मचर्य रहिए और जो अपनी पत्नी है उसी पर अनुराग कीजिए। शराब, मांस और व्यविचार छोड़ दीजिए, तो सब कुछ अच्छा हो जाएगा। यदि ऐसा नहीं किया तो धर्म को नुकसान पहुंचाएंगे, जिसके बदले आपको भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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