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Anurag Dhanda ने पेश की ‘रंगला पंजाब’ की तस्वीर! पराली जलाने के मामले में रिकॉर्ड गिरावट का जिक्र कर मान सरकार को सराहा; जानें डिटेल

आप नेता Anurag Dhanda ने 'रंगला पंजाब' की तस्वीर साझा की है जहां पराली जलाने की घटनाओं में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। अनुराग ढ़ांडा ने इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए मान सरकार की सराहना की है।

Anurag Dhanda
Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Anurag Dhanda: पंजाब की बदलती तस्वीर आए दिनों सुर्खियां बटोर रही है। ताजा मामला पराली जलाने के मामलों में हुई गिरावट से जुड़ा है। दरअसल, भगवंत मान सरकार की कुशल नीतियों के बदौलत वर्ष 2022 से 2025 के अंतराल में पराली जलाने के मामलों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। इसको लेकर आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने भी तारीफ की है।

अनुराग ढ़ांडा ने एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर मान सरकार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दिया है। आप नेता ने पराली मुक्त ‘रंगला पंजाब’ की तस्वीर पेश करते हुए मान सरकार की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि केजरीवाल की राजनीति मतलब काम की राजनीति। उसी की देन है कि आप सरकार आज बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाने में कामयाब रही है।

आप नेता Anurag Dhanda ने पेश की ‘रंगला पंजाब’ की तस्वीर!

अनुराग ढ़ांडा के आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स हैंडल से ‘रंगला पंजाब’ की तस्वीर जारी की गई है। इसमें पंजाब में पराली जलाने के मामलों में दर्ज की गई रिकॉर्ड गिरावट का जिक्र है।

आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2020 में जो पराली जलाने के मामले 83000 पर पहुंच गए थे। वो वर्ष 2025 में घटकर महज 3500 रह गए हैं। पराली जलाने की घटना में 90 फीसदी से ज्यादा की कमी आई है। अनुराग ढ़ांडा ने इन आकड़ों को साथा करते हुए लिखा है कि “सभी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं का ग्राफ देखकर ही आपको समझ आ जाएगा कि सिर्फ भगवंत मान सरकार ने ही पराली की समस्या पर गंभीरता से काम किया है। केजरीवाल की राजनीति मतलब काम की राजनीति।” आप नेता की इस प्रतिक्रिया को लेकर खूब सुर्खियां बन रही हैं।

पंजाब में कैसे कम हुईं पराली जलाने की घटनाएं?

सूबे में पराली जलाने की घटनाएं अगर कम हुई हैं तो इसका श्रेय मान सरकार की नीतियों को जाता है। पंजाब के कृषि विभाग ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए नई व आधुनिक मशीनें खरीदने के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई। इससे इतर भगवंत मान सरकार की ओर से किसानों को ट्रेनिंग और जागरूकता दिलाने के साथ पराली को मिट्टी में मिलाने या खाद बनाने के विकल्प भी प्रदान किए गए हैं। इससे इतर तमाम अन्य किसान-केंद्रित नीतियां भी हैं जो पराली जलाने की घटनाओं में कमी आने का प्रमुख कारक हैं। यही वजह है कि अनुराग ढ़ांडा समेत तमाम अन्य नेता पंजाब सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हैं।

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