Anurag Dhanda: पंजाब में विधानसभा चुनाव भले ही अगले वर्ष होने वाले हैं, लेकिन सूबे का सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। राज्य में ईडी की दस्तक भी हो गई है। दो-तीन दिनों पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के कुछ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी हुई थी। अब पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के कई ठिकानों पर रेड हुई है। इसका जिक्र करते हुए आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने मुखरता के साथ केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है। अनुराग ढ़ांडा ने केन्द्र पर सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोला है।
मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की कार्रवाई के बाद Anurag Dhanda की प्रतिक्रिया
आप नेता ने मुखरता के साथ पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर हुई ईडी रेड की आलोचना की है।
तीन दिन में पंजाब में आम आदमीं पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है।
अब पंजाब केबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के यहाँ ईडी ने रेड की है।
मोदी सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है।
पश्चिम बंगाल… https://t.co/JpRBlZz1sC
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) April 17, 2026
अनुराग ढ़ांडा के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस संदर्भ में पोस्ट साझा किए गए हैं। आप नेता लिखते हैं कि “तीन दिन में पंजाब में आम आदमीं पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है। अब पंजाब केबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के यहाँ ईडी ने रेड की है। मोदी सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है। पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है वो सही ही होता है फिर तो।” मालूम हो कि पंजाब में ईडी और पुलिस आमने-सामने हो गए थे। इसी का जिक्र कर अनुराग ढ़ांडा ने निशाना साधा है।
कैबिनेट मंत्री पर ईडी की कार्रवाई से सियासी घमासान!
राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के बाद पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर ईडी की रेड से सियासी घमासान मचा है। मालूम हो कि पंजाब में यूपी, उत्तराखंड और गुजरात के साथ ही वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर हुंकार भरने की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में संजीव अरोड़ा पर ईडी की कार्रवाई सियासी घमासान की वजह बन रही है। अनुराग ढ़ांडा, सीएम भगवंत मान, डॉ. बलबीर सिंह समेत तमाम पार्टी नेता इसकी आलोचना करते हुए केन्द्र पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं। इससे सियासी पारा हाई है।
