Bhagwant Mann: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सिख गुरुओं का पूरा सम्मान करते हुए उनके शहीदी दिवस को शानदार तरीके से मनाया है। ऐसे में एएपी यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने बताया है आगे भी बेमिसाल तरीके से इन पवित्र अवसरों को सेलिब्रेट किया जाएगा। साथ ही सीएम मान ने इस दौरान अपने आप को खुशकिस्मत माना कि उनके कार्यकाल के दौरान इन समारोह को आयोजित करने का अवसर मिला। साथ ही सीएम मान ने प्रदेश की जनता को भरोसा दिलाया कि आगे भी इन पवित्र अवसरों को पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
भगवंत मान सरकार ने पंजाबवासियों को दिया भरोसा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर ‘CMOPb’ अकाउंट से बताया गया, ‘मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने का अवसर पाकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इन अवसरों को एक बेमिसाल तरीके से मनाएगी, ताकि गुरु जी के समानता के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि ये समारोह उनके कार्यकाल के दौरान आयोजित किए जा रहे हैं, और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इनका आयोजन पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जाए।’
Chief Minister @BhagwantMann said that he feels fortunate to commemorate the 350th Shaheedi Diwas of Sri Guru Tegh Bahadur ji and the 650th Prakash Purab of Sri Guru Ravidass ji, and the Punjab Government will celebrate these occasion in an unparalleled manner to spread Guru ji’s… pic.twitter.com/rwJL9Ubxpr
— CMOPb (@CMOPbIndia) May 5, 2026
भगवंत मान सरकार ने बड़ी धूमधाम से मनाए दोनों प्रमुख दिवस
मालूम हो कि भगवंत मान सरकार ने 24 नवंबर 2025 को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस मनाया था। इस कुर्बानी दिवस को सिख धर्म में काफी अहम माना जाता है, क्योंकि वर्ष 1675 में दिल्ली में उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया था। बताया जाता है कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए थे।
वहीं, श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को पंजाब की एएपी सरकार ने बड़ी ही धूमधाम से मनाया। इस दिन गुरुद्वारों और मंदिरों में भजन-कीर्तन किए जाते हैं, शोभायात्राएं और सत्संग निकाले जाते है। साथ ही सभी लोगों के लिए लंगर और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
