नीति आयोग की बैठक में CM Bhagwant Mann ने की पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग, जानिए केंद्र सरकार के सामने किन बातों पर दिया जोर

CM Bhagwant Mann: नीति आयोग की बैठक जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में हुई इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री ने अपनी मांगे रखी है और पंजाब के विकास पर जोर देते हुए दिखे। जानते हैं पूरी खबर क्या है।

CM Bhagwant Mann

Photo Credit- Google CM Bhagwant Mann

CM Bhagwant Mann: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भी शिरकत करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की और इसके साथ ही सीएम भगवंत मान ने राज्य के विकास के लिए एक विशेष बॉर्डर पैकेज की भी मांग की है। आइए जानते है दिल्ली में आयोजित 11 जून 2026 की इस बैठक में आखिर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस दौरान क्या-क्या कहा है। किस तरह से अपनी बात रखी है। आप पंजाब ने इसकी जानकारी लोगों को दी है। जानिए डिटेल्स।

CM Bhagwant Mann ने केंद्र सरकार के सामने रखी ये मांग

आप पंजाब ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि “सीएम भगवंत मान आज दिल्ली में हुई नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। पंजाब को विशेष राज्य का दर्जा देने, केंद्रीय योजनाओं में पंजाब के लिए 90: 10 का अनुपात रखने और पंजाब के लिए एक विशेष बॉर्डर पैकेज की मांग की है। इसके साथ ही सीएम मान ने केंद्र से मोहाली को नेशनल नॉलेज हब घोषित करने और यहां एक इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर मेगा कलस्टर स्थापित करने की मांग पर भी जोड़ दिया है।”

पंजाब के विकास के लिए किस तरह काम कर रही मान सरकार

निश्चित तौर पर सीएम भगवंत मान द्वारा नीति आयोग की बैठक में जो मांग की गई है वह पंजाब के विकास के लिए एक जरूरी कदम साबित हो सकता है। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से किस कदर सुनवाई होती है यह देखने वाली बात है। राज्य में चौरफा विकास का कार्य किया जा रहा है और इस दौरान जरूरतमंद को हर जरूरी चीज मुहैया हो सके इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। पंजाब को देश में एक अलग पहचान मिल सके और यह अपना कमाल दिखा सके इसके लिए काफी मेहनत की जा रही है। वहीं नीति आयोग की बैठक में एक बार फिर सीएम ने केंद्र सरकार के सामने अपनी मांग रखी है।

नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई जहां देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उप राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।

 

 

Exit mobile version