CM Bhagwant Mann: पंजाब वासियों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। दरअसल, आज मुख्यमंभी भगंवत मान अमृतसर स्थित सिख धर्म के सर्वोच्च संस्थान अकाल तख्त साहिब के समक्ष हाजिर हुए। एक विनम्र सिख की तरह सीएम भगवंत मान ने दरबार में हाजिरी लगाते हुए अपना स्पष्टीकरण पेश किया। हाजिरी लगाने के बाद मुख्यमंत्री मीडिया से भी मुखातिब हुए जहां उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैंने हमेशा अकाल तख्त के सामने सिर झुकाया है और ऐसे में मैं उन्हें कभी चुनौती नहीं दे सकता। सीएम मान और जत्थेदार के बीच करीब 45 मिनट की बातचीत हुई जिसके बाद उसका सारांश मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अकाल तख्त साहिब के समक्ष CM Bhagwant Mann की हाजिरी
अमृतसर में स्थित सिख धर्म के सर्वोच्च संस्थान अकाल तख्त साहिब में आज सीएम भगवंत मान ने अपनी हाजिरी लगाई है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि “एक विनम्र सिख होने के नाते, मैंने सर्वोच्च श्री अकाल तक़्त साहिब के समक्ष सिर झुकाकर अपना स्पष्टीकरण दिया है। पांचों सिंह साहिबों की बैठक के बाद सिंह साहिब अगला आदेश देंगे।” “यह मामला भावनात्मक रूप से संवेदनशील है, इसलिए सिंह साहब ने आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कागजी दस्तावेज की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।”
सीएम भगवंत मान ने आगे कहा कि “कोई भी व्यक्ति पवित्र श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने का विचार भी नहीं कर सकता। आदेशानुसार, मैं विनम्रतापूर्वक श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में कार्यकारी जत्थेदार के समक्ष उपस्थित हुआ और अपना पक्ष प्रस्तुत किया तथा अपने शब्दों और स्पष्टीकरणों के माध्यम से, मुझे यह जानकर बहुत राहत मिली कि मैं संगत में लाखों लोगों की भावनाओं को व्यक्त करने में सफल रहा। श्री अकाल तक़्त साहिब से जो भी आदेश आएगा, उसे बिना किसी संकोच के स्वीकार किया जाएगा।”
भ्रामक वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री का स्पष्टीकरण
सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छाए उस वायरल वीडियो का खंडन भी सीएम मान ने किया है जिसमें उनके द्वारा अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने का दावा है। मुख्यमंत्री ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की देन बताया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मान ने कहा कि “विवादित वीडियो केवल नग्न आंखों से ही दिखाई देता है, यह नकली है। आजकल कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है, कुछ भी बनाया जा सकता है। सिंह साहब को बताया गया है कि इस वीडियो की जांच देश की किसी भी फोरेंसिक प्रयोगशाला में की जा सकती है।”
