CM Bhagwant Mann: चंडीगढ़ में आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई है। इस पीसी का अहम मुद्दा राजस्थान को पंजाब से मिल रहा पानी है जिसके आंकड़े सीएम भगवंत मान ने पत्रकारों के सामने पेश किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया है कि कैसे 1960 से राजस्थान द्वारा पानी का हिसाब नहीं चुकता किया गया है। इससे इतर सीएम भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन्वेस्टर्स समिट, नहरी पानी की पहुंच और सिंचाई सुधार आदि से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि कैसे पंजाब सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाने का काम कर रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CM Bhagwant Mann ने पेश किए आंकड़े!
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान 1960 से पानी का हिसाब नहीं दे रहा है।
ਕਿਸਾਨ ਭਰਾਵਾਂ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹੀ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ, ਅਹਿਮ ਪ੍ਰੈੱਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਤੋਂ LIVE
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किसानों भाइयों के साथ खड़ी मान सरकार, अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस चंडीगढ़ से LIVE https://t.co/0heEoUygZy— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 18, 2026
सीएम भगवंत मान के मुताबिक वर्ष 1920 में बीकानेर रियासत और बहावलपुर के बीच एक समझौते के तहत पानी की आपूर्ति शुरू हुई थी। 1960 के बाद नई व्यवस्था लागू हुई जिसके बाद आज तक राजस्थान की ओर से कोई भुगतान नहीं हुआ। सरकार द्वारा दिए आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान को 1960 से 2026 तक पानी के लिए 1.44 लाख करोड़ का भुगतान करना है। अभी भी पंजाब से करीब 18000 क्यूसेक पानी राजस्थान फीडर के माध्यम से जा रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाने के संकेत दिए हैं।
सिंचाई सुधार से लेकर नहरी पानी और इन्वेस्टर्स समिट पर डाला प्रकाश
राजधानी में प्रेस वार्ता कर सीएम भगवंत मान ने सिंचाई सुधार से लेकर नहरी पानी की पहुंच सुनिश्चित करने और इन्वेस्टर समिट तक पर प्रकाश डाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पंजाब के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जा रही है। नहरी पानी की पहुंच भी 1454 गांवों तक की गई है जो आजादी के बाद से इसका इंतजार कर रहे थे। इससे फसलों की सिंचाई व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। सीएम भगवंत मान ने मोहाली में हुई प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 का भी जिक्र कर राज्य को मिले निवेश प्रस्तावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निवेश से युवाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खुल सकेंगे।
