CM Bhagwant Mann: पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं की प्रतिभा को सामने लाने के लिए आयोजित होने वाले ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां-2026’ के चौथे संस्करण का आगाज हो गया है। CM Bhagwant Mann ने 5 सितंबर को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम से इस खेल महाकुंभ की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने और गांवों से प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। गौरतलब है कि सीएम मान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। साथ ही नशे के खिलाफ भी लगातार अभियान जारी है।
खेड़ां वतन पंजाब दीयां – 2026 के चौथे संस्करण की हुई शुरूआत
बीते दिन CM Bhagwant Mann ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम से ‘खेडां वतना पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीज़न का भव्य उद्घाटन किया गया। इस साल, 39 खेलों के ज़रिए लगभग 10 लाख खिलाड़ियों को खेल के मैदान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
ਅੱਜ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਸਟੇਡੀਅਮ ਤੋਂ ‘ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ-2026’ ਦੇ ਚੌਥੇ ਸੀਜ਼ਨ ਦਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਆਗਾਜ਼ ਕੀਤਾ…
ਇਸ ਸਾਲ 39 ਖੇਡਾਂ ‘ਚ ਕਰੀਬ 10 ਲੱਖ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਮੈਦਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜੋੜਨ ਦਾ ਟੀਚਾ ਹੈ। ਜੇਤੂਆਂ ਲਈ 12.50 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਇਨਾਮ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਵੈਟਰਨ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਕਦ ਇਨਾਮ ਦਿੱਤੇ… pic.twitter.com/2mhxMWeo4D— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 5, 2026
विजेताओं के लिए कुल 12.50 करोड़ रुपये के इनाम तय किए गए हैं, और पहली बार अनुभवी खिलाड़ियों को भी नकद इनाम दिए जाएंगे। आज इसी मंच से, कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह को 50-50 लाख रुपये की इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया। पंजाब के युवाओं को खेलों से जोड़कर नशे से बचाने और राज्य को खेलों में एक बार फिर नंबर वन बनाने का हमारा अभियान लगातार जारी है”।
10 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों के शामिल होने का लक्ष्य
‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ के इस संस्करण को अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनाने की तैयारी की गई है। सरकार ने इस बार 10 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकेंगे।
CM Bhagwant Mann के मुताबिक, इन खेलों का मकसद सिर्फ प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं है, बल्कि पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। मुख्यमंत्री ने इसे तीन पीढ़ियों को एक साथ खेल के मैदान में लाने वाला आयोजन बताया है। पहले के संस्करणों में भी एक ही परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों ने इन खेलों में हिस्सा लिया था।
