Punjab News:कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारुचक ने कनाडा में भारतीय स्टूडेंट्स, खासकर पंजाबी स्टूडेंट्स के पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट संकट पर केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वह कनाडा सरकार के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत करके प्रभावित भारतीय स्टूडेंट्स को डिपोर्ट होने से बचाए।
एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स ने अपनी 2 साल की पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरी कर ली है
मंत्री ने कहा कि ब्रैम्पटन के पोर्टेज कॉलेज में वर्ष 2024 में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स ने अपनी 2 साल की पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरी कर ली है। लेकिन, कनाडा में सरकार बदलने के बाद वहां के प्रशासन ने मनमाने ढंग से नियम बदलकर स्टूडेंट्स के वर्क परमिट रोक दिए हैं। यह सरासर धोखा है।
उन्होंने कहा कि भारी फीस देने और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद भी, आज हमारे टैलेंटेड बच्चे, जिनमें बड़ी संख्या में बेटियां भी शामिल हैं, भारी बारिश के बीच सड़कों पर टेंट लगाकर विरोध करने को मजबूर हैं।
मंत्री ने केंद्रीय विदेश मंत्रालय पर भी इस मामले में ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब देश के बच्चे विदेश में सड़कों पर रो रहे हों, तो भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकती। यह सिर्फ कुछ स्टूडेंट्स का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की आत्म सम्मान और हमारे युवाओं के भविष्य का सवाल है। केंद्र सरकार को इस बेहद सेंसिटिव मुद्दे पर तुरंत कनाडा सरकार के सामने कड़ा डिप्लोमैटिक विरोध दर्ज कराना चाहिए और वर्क परमिट की बहाली सुनिश्चित करनी चाहिए।
पंजाब सरकार अपने लेवल पर इस मामले को लगातार आगे बढ़ा रही है और हर मुमकिन कदम उठा रही है
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पठानकोट, गुरदासपुर समेत पूरे पंजाब के परिवारों में अपने बच्चों की यह हालत देखकर बहुत चिंता और गुस्सा है। पंजाब सरकार अपने लेवल पर इस मामले को लगातार आगे बढ़ा रही है और हर मुमकिन कदम उठा रही है। लेकिन इंटरनेशनल बातचीत का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, इसलिए मोदी सरकार को तुरंत अपनी नींद से जागना चाहिए और कनाडा सरकार से संपर्क करके इस संकट का तुरंत हल निकालना चाहिए।
