Punjab News:आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने और गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का एक और उदाहरण करार दिया है।
ईडी के छापे सिर्फ उन्हीं राज्यों में क्यों मारे जाते हैं जहाँ भाजपा सत्ता में नहीं है?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार को “लोकतंत्र का लगातार गला घोंटने” के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा चुनिंदा रूप से निशाना बनाने पर सवाल उठाते हुए कहा, “ईडी के छापे सिर्फ उन्हीं राज्यों में क्यों मारे जाते हैं जहाँ भाजपा सत्ता में नहीं है? जो लोग जनता के हक के लिए आवाज उठाते हैं और जन कल्याण के लिए काम करते हैं, उन्हें या तो ईडी के नोटिस दिए जाते हैं या जेल भेज दिया जाता है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ऐसी चालें लोकतंत्र की आवाज को दबाने में सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “डर और दबाव के जरिए लोकतंत्र को कुचला नहीं जा सकता। पंजाब की क्रांतिकारी धरती से मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि जहाँ भी अन्याय होगा, हम उसके खिलाफ डटकर खड़े होंगे। यह किसी व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि हमारे संविधान और देश को बचाने की लड़ाई है, और यह संघर्ष जारी रहेगा।”
इसी बीच कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने संयम बनाए रखा और कानूनी प्रक्रिया में अपना भरोसा व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, मैं एजेंसियों को पूरा सहयोग दूँगा और मुझे भरोसा है कि सच्चाई की जीत होगी।”
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “भाजपा गैर-भाजपा शासित राज्यों की सरकारों को धमकाने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रही है। विपक्षी नेताओं पर दबाव डालने के लिए ईडी का इस्तेमाल करना अब उनकी राजनीतिक रणनीति बन गई है ताकि असहमति की हर आवाज को दबाया जा सके। यह हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए बेहद खतरनाक है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की राजनीति “डराने, धमकाने और किसी भी कीमत पर सत्ता हथियाने” पर आधारित है।
दूसरी ओर, कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने ऐसी कार्रवाइयों के समय पर सवाल उठाते हुए यही चिंताएँ दोहराईं। उन्होंने कहा, “जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा को अचानककी याद आ जाती है और विपक्षी नेताओं के घरों पर छापेमारी शुरू हो जाती है। चाहे वह संजीव अरोड़ा हों या सांसद अशोक मित्तल, निशाना हमेशा वे होते हैं जो भाजपा से राजनीतिक रूप से असहमत हैं। यह जाँच नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है।” उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्रीय एजेंसियों को हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है, जो देश को तानाशाही की ओर धकेल रहा है।
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ही असली राष्ट्रीय विपक्ष और भाजपा का असली विकल्प है
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस छापेमारी को ‘आप’ पंजाब को कुचलने के उद्देश्य से “एजेंसियों का घोर दुरुपयोग” करार दिया। उन्होंने कहा, “ऐसी चालें हमें खत्म करने में हमेशा असफल रही हैं। ये हमें और मजबूत बनाती हैं। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ही असली राष्ट्रीय विपक्ष और भाजपा का असली विकल्प है।”
‘आप’ पंजाब के नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि देश के लोग देख रहे हैं कि कैसे विपक्ष की आवाजों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने “डर और बदले की राजनीति” के खिलाफ मजबूती से खड़े होने के अपने संकल्प को दोहराया और लोकतंत्र तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का प्रण लिया।
