Punjab News:आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ आज जलंधर में ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ की एक बैठक के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने संवाद और जवाबदेह शासन के माध्यम से व्यापारियों की चिंताओं को हल करने के लिए भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। छोटे व्यापारियों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि जहां पिछली सरकारों ने उनके मुद्दों को नजरअंदाज किया और उन्हें परेशानी तथा जबरन वसूली का शिकार बनाया, वहीं भगवंत मान सरकार ने ऐसी प्रथाओं को समाप्त कर दिया है और व्यापारी आयोग का गठन किया है ताकि व्यापारी वर्ग को सामना करने वाली छोटी से छोटी समस्या का भी त्वरित और प्रभावी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
‘आप’ सरकार में सत्ता में चार साल पूरे करने के बाद सीधे लोगों से फीडबैक मांगने का भरोसा है
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब दशकों के शोषण और खराब शासन से मुक्त हो चुका है, जिससे जनकल्याण पर केंद्रित पारदर्शी और विकास-उन्मुख शासन के नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार में सत्ता में चार साल पूरे करने के बाद सीधे लोगों से फीडबैक मांगने का भरोसा है, जबकि सिंचाई, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर इसके काम ने पूरे पंजाब में लोगों की जिंदगी बदल दी है।
एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भगवंत मान सरकार ने सत्ता में चार साल पूरे कर लिए हैं। चार साल काम करने के बाद मुझे पंजाब के इतिहास में ऐसी कोई सरकार याद नहीं है, जो लोगों के सामने बैठकर ऐसी चर्चा कर सके। इससे पहले कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल की सरकारें आईं। चार साल सत्ता में रहने के बाद जब वे लोगों के बीच जाते थे, तो गांव वाले उन्हें अंदर आने भी नहीं देते थे। लोग हाथों में जूते लेकर उन्हें पीटने के लिए तैयार खड़े होते थे। आज जब हम लोगों के बीच जाते हैं, तो वे हमें देखकर मुस्कुराते हैं, हमारी तारीफ करते हैं और हमें गले लगाने के लिए तैयार रहते हैं। वे हमारे काम की प्रशंसा करते हैं।”
एक रोड शो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “कल हम बठिंडा में थे। नगर निगम के शानदार परिणाम हासिल करने और मेयर बनाने के बाद हम वहां एक रोड शो कर रहे थे। जब हम गलियों से गुजर रहे थे, तो लोग हमारा स्वागत करने के लिए अपनी दुकानों से बाहर आ गए। उनके हाव-भाव से साफ पता लग रहा था कि वे भगवंत मान और हम सभी को देखकर कितने खुश थे। वे सच में बहुत खुश थे। आज मैं यहां भी वही प्रतिक्रिया देख रहा हूं। जिस तरह आप सभी सरकार की तारीफ कर रहे हैं और इसके कामों की प्रशंसा कर रहे हैं, लगता है कि पंजाब के इतिहास में कुछ बहुत ही असाधारण हो रहा है। पहली बार कोई सरकार अपने चार साल पूरे कर चुकी है और लोग अभी भी उस सरकार को पसंद करते हैं और उसे फिर से वापस लाना चाहते हैं।”
अपने बचपन को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “जब मैं छोटा होता था, मैं गर्मियों की छुट्टियां अपने दादा जी के घर बिताता था। मैं सिवानी गांव से संबंध रखता हूं। बस स्टैंड पर हमारी किराने की दुकान थी और मैं दोपहर के समय वहां बैठता था। मेरे ताऊ जी/चाचा जी एक छोटे व्यापारी थे। उस समय से मैं जानता हूं कि इस पूरे सिस्टम में एक छोटे व्यापारी की कोई नहीं सुनता। जब सरकारें पंजाब की अर्थव्यवस्था, जीडीपी और विकास के बारे में चर्चा करती हैं, तो भी ध्यान सिर्फ बड़े उद्योगपतियों और करोड़ों-अरबों रुपये के निवेश पर ही रहता है। लेकिन सूबे की असली रीढ़ छोटा व्यापारी है। आप लोग ही असली रीढ़ हैं। व्यापारियों की बात तो हर कोई करता है, लेकिन मैंने कोई ऐसी सरकार या सियासी पार्टी नहीं देखी, जो सच में व्यापारियों के पास जाकर उनकी समस्याओं का हल करे।”
अलग-अलग विभागों के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं
उन्होंने आगे कहा, “अगर आपकी दुकान के सामने वाली सड़क टूट जाए या बिजली का खंभा खराब हो जाए, तो आप क्या करते हैं? आप सरकारी दफ्तरों, विधायकों और अलग-अलग विभागों के चक्कर काट-काट कर थक जाते हैं। एक स्ट्रीट लाइट ठीक करवाना भी एक बहुत बड़ी जद्दोजहद बन जाता है। क्या ऐसा नहीं होता? एक छोटा सा काम भी आपको बहुत थका देता है।”
व्यापारी आयोग के उद्देश्य के बारे में बताते हुए ‘आप’ मुखिया ने जोर देकर कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि एक छोटे व्यापारी की आवाज सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचे, हमने ‘पंजाब राज्य व्यापारी आयोग’ का गठन किया है। यह आयोग राज्य स्तर, जिला स्तर और हलका स्तर पर काम कर रहा है। पूरे पंजाब में छोटी-बड़ी करीब 800 मंडियों/बाजारों की पहचान की गई है। इन सभी बाजारों में व्यापारियों के साथ बैठकें की गई हैं। व्यापारियों ने जो भी मांगें उठाईं, चाहे वह बिजली की नंगी तारें हों, टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइटें, शौचालयों की कमी, पीने के पानी की किल्लत या कोई अन्य समस्या—उन सभी चिंताओं को दस्तावेजी रूप देकर सीधे भगवंत मान के पास भेजा जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय में एक विशेष टीम यह सुनिश्चित करती है कि छोटी से छोटी समस्या का भी समाधान किया जाए।”
इस प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “किस सरकार ने कभी यह सुनिश्चित किया है कि एक छोटे व्यापारी की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचे और मुख्यमंत्री खुद हर मुद्दे को हल करने के लिए काम करे? मैं बहुत खुश हूं क्योंकि जो चिंताएं आप सभी ने आज उठाई हैं, वे दर्शाती हैं कि यह पूरा सिस्टम प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। व्यापारी आयोग का गठन बिल्कुल इसी उद्देश्य के लिए किया गया था।”
भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक और महत्वपूर्ण बात है। पिछली सरकारों के समय हम जबरन वसूली (फिरौती/गुंडा टैक्स) के बारे में सुनते थे। व्यापारियों और उद्योगपतियों को पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता था। हमारी सरकार के पांच सालों के दौरान, वह जबरन वसूली का सिस्टम खत्म हो गया है। अब आपसे कोई पैसे वसूलने नहीं आता। हमारी सरकार के राज में कोई जबरन वसूली नहीं है। हमारी सरकार ईमानदारी से काम करती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, अब एक बड़े पैमाने पर जबरन वसूली शुरू हो गई है। पंजाब में चार पार्टियां हैं। एक है ‘चिट्टा पार्टी’। आप समझते हैं कि किस पार्टी ने पंजाब के हर घर में नशा फैलाया। इसी पार्टी को ‘बेअदबी पार्टी’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके राज में बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं।” ‘आप’ मुखिया ने कहा “एक और पार्टी है, ‘ईडी पार्टी’। यह वह पार्टी है जो व्यापारियों से पैसे वसूलने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर रही है। फिर एक ‘झगड़ा पार्टी’ है, जिसके आगू हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं। वे आज भी लड़ रहे हैं और वे आपके लिए कुछ नहीं करने वाले। चौथी पार्टी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, ‘जनता की पार्टी’, जो आपके लिए काम कर रही है।”
राजनीतिक चंदे के बारे में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “पिछले साल ‘ईडी पार्टी’ को पंजाब से 60 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जबकि आम आदमी पार्टी को पंजाब से सिर्फ 70 लाख रुपये मिले थे। पंजाब में सरकार आम आदमी पार्टी की है, उनकी नहीं। पंजाब में उनकी सिर्फ दो सीटें हैं।”
‘आप’ मुखिया ने कहा, “‘ईडी पार्टी’ ने पंजाब के व्यापारियों, उद्योगपतियों, कंपनियों और कारोबारों से 60 करोड़ रुपये लिए। उन्हें यह पैसा कैसे मिला? लोगों को समन भेजे गए और ईडी तथा सीबीआई की कार्रवाई की धमकियां दी गईं। जिन्होंने पैसे नहीं दिए, उनके घरों/दफ्तरों पर ईडी के छापे मारे गए। हमने पिछले दिनों में एक के बाद एक कई छापेमारियां देखी हैं। कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है, जबकि कुछ मामलों में ईडी के छापे पड़ते हैं और अचानक वे गायब हो जाते हैं। वे कैसे गायब हो जाते हैं? चंदे के भुगतान के बाद मामला रफा-दफा हो जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार आपसे पैसे नहीं वसूल रही। हम ईमानदारी से सरकार चला रहे हैं। केंद्र में बैठी ‘ईडी पार्टी’ जबरन वसूली के जरिए आपसे चंदा इकट्ठा कर रही है।”
कानून व्यवस्था की ओर रुख करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जब हमने सरकार की बागडोर संभाली थी, तो हमारे सामने दो बड़ी चुनौतियां थीं। एक गैंगस्टर और दूसरा नशा। मैंने व्यक्तिगत रूप से पंजाब के हर गैंगस्टर के इतिहास का अध्ययन किया है। वे सभी या तो इन पुरानी पार्टियों के रिश्तेदार हैं, सहयोगी हैं, या उन्हीं की देन हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार के पांच सालों के दौरान एक भी गैंगस्टर पैदा नहीं हुआ। ये सभी उन पार्टियों की उपज हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में से गैंगस्टरों को एक-एक करके खत्म किया जा रहा है। मैं यह नहीं कह रहा कि वे सभी चले गए हैं, लेकिन ज्यादातर या तो खत्म हो चुके हैं या भाग गए हैं। पंजाब के इतिहास में पहली बार सात गैंगस्टरों को सात अलग-अलग देशों से डिपोर्ट करके पंजाब वापस लाया गया है। पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। पहली बार, विदेशी सरकारों के साथ तालमेल करके विदेशों में बैठे गैंगस्टरों को वापस लाया गया और यहां उन्हें सजाओं का सामना करवाया गया।”
बदनाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “एक गैंगस्टर अभी भी बाकी है, लॉरेंस बिश्नोई। वह साबरमती जेल में बैठा है। वह ‘ईडी पार्टी’ का दामाद है और उसे उनकी सरपरस्ती हासिल है। उसने बहुत मुश्किलें खड़ी की हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हुक्म जारी किए हैं कि कोई भी उसे उस जेल से बाहर नहीं निकाल सकता। वहां बैठकर वह पूरी दुनिया में अपना नेटवर्क चला रहा है। अगर पंजाब में उससे संबंधित कोई अपराध होता है, तो पंजाब पुलिस उसे यहां नहीं ला सकती। जांचकर्ताओं को उससे पूछताछ करने के लिए साबरमती जेल जाना पड़ता है। उसे हर तरफ से सुरक्षा दी जा रही है और हर सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। आज पंजाब में गैंगस्टर राज का जो भी अंश बाकी है, वह ‘ईडी पार्टी’ की ही देन है।”
नशों के बारे में बोलते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “पंजाब में नशों की मार किसने शुरू की? जब पंजाब में ‘ईडी पार्टी’ और ‘सफेद पार्टी’ का गठबंधन सरकार चल रही थी, उस समय नशा हर घर में घुस गया था। उनके मंत्री अपनी गाड़ियों में नशा ढोते और बांटते थे। आज नशेड़ियों, नशा तस्करों और बड़े सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उनकी जायदादें ढहाई जा रही हैं। कल से पंजाब पुलिस ने उन ‘हवाला’ ऑपरेटरों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है जो नशे के पैसे को विदेश भेजने में मदद करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हमने जिम्मेदारी संभाली थी, तो 70 प्रतिशत नशा पाकिस्तान से ड्रोनों के जरिए आता था और 30 प्रतिशत गुजरात से आता था। हमने पाकिस्तान से आने वाले नशे को काफी हद तक रोक दिया है। पंजाब-पाकिस्तान सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। ड्रोनों को सीमा के अंदर घुसने से पहले ही रोककर गिरा दिया जाता है। अब 70 प्रतिशत नशा गुजरात से आ रहा है। 70 प्रतिशत ‘चिट्टा’ गुजरात से आता है।”
उदाहरण देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आपने 2021 में मुंद्रा बंदरगाह पर 21,000 करोड़ रुपये के 3,000 किलोग्राम नशीले पदार्थों की जब्ती के बारे में पढ़ा होगा। यह सिर्फ वह था जो पकड़ा गया था। कोई नहीं जानता कि हर रोज कितना नशा बिना पकड़े निकल जाता है। पिछले साल की एक कैग रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 2,200 किलोग्राम नशीले पदार्थों को कथित तौर पर चूहों ने खा लिया। वे कहते हैं कि चूहों ने यह खा लिया। कोई नहीं जानता कि वह नशा असल में कहां गया। आज गुजरात पूरे देश में नशों का कॉरिडोर बन गया है और वह भी ‘ईडी पार्टी’ के अधीन आता है।”
अरविंद केजरीवाल ने अंत में कहा, “लेकिन हम इस पर निरंतर काम कर रहे हैं। यह काम अभी जारी है। आपकी आशीषों से, हम अगले पांच सालों में भी इस कोशिश को इसी तरह जारी रखेंगे।”
पंजाब पारदर्शी शासन, व्यापार-हितैषी नीतियों और विकासोन्मुख राजनीति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने शासन में ऐतिहासिक बदलाव देखा है, जहां चुने हुए जनप्रतिनिधि सीधे तौर पर लोगों के साथ संवाद स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के चार साल पूरे होने के बाद वे लोगों से फीडबैक मांग रहे हैं, ऐसा करने का साहस पिछली किसी भी सरकार ने कभी नहीं किया। उन्होंने आगे कहा, “जहां परंपरागत रूप से सरकारें सत्ता में रहने के वर्षों बाद सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित हो जाती हैं, वहीं पूरे पंजाब के लोगों से मिल रहे भरपूर प्यार और सराहना ने ‘आप’ सरकार के जनकल्याण के लिए अथक कार्य करने के संकल्प को और अधिक मजबूत किया है।”
दशकों तक छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की उपेक्षा की गई क्योंकि किसी ने भी उनकी वास्तविक समस्याओं की चिंता नहीं की
व्यापारियों को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने उनकी चिंताओं की अनदेखी की और उन्हें केवल राजस्व तथा राजनीतिक फंडिंग का साधन समझा। उन्होंने कहा, “दशकों तक छोटे व्यापारियों और दुकानदारों की उपेक्षा की गई क्योंकि किसी ने भी उनकी वास्तविक समस्याओं की चिंता नहीं की। व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और व्यापारी वर्ग की प्रत्येक जायज चिंता का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए ‘पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन’ का गठन किया गया।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्ववर्ती शासक निजी व्यवसाय करते थे, जिसके कारण उन्होंने पंजाब के विकास की कीमत पर अपने निजी व्यावसायिक हितों को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, “जिन लोगों का निजी परिवहन नेटवर्क पर नियंत्रण था, उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से सरकारी बस सेवाओं को कमजोर किया। इसी प्रकार निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने सरकारी स्कूलों की उपेक्षा की। उनका शासन मॉडल जनकल्याण के बजाय निजी लाभ से प्रेरित था।”
व्यापारियों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले (रोजगारदाता) हैं, जो आर्थिक विकास को गति देते हैं और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, “सरकार की भूमिका व्यापार को सुविधाएं उपलब्ध कराना है, न कि उसमें हिस्सा मांगना। पहले व्यापारी अपने कारोबार का विस्तार करने से इसलिए हिचकिचाते थे क्योंकि उन्हें परेशान किए जाने और हिस्सा मांगे जाने का भय रहता था। हमारी सरकार व्यापारियों को एटीएम नहीं मानती। हम उनके विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
परंपरागत राजनीतिक दलों पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है। उन्होंने कहा, “उनके पास समाज के किसी भी वर्ग के लिए कोई एजेंडा, कोई रोडमैप और कोई विजन नहीं है। वे केवल सत्ता में वापसी और पंजाब के खजाने को फिर से लूटने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्षों तक कांग्रेस और अकाली नेताओं ने कुर्सी के लिए राजनीतिक खेल खेला और राज्य के संसाधनों का दोहन करने के लिए बारी-बारी से सत्ता बदलते रहे। ‘आप’ सरकार ने पंजाब को विनाश की ओर ले जाने वाले इस चक्र को समाप्त कर विकास के नए युग की शुरुआत की है।”
नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परंपरागत राजनीतिक दलों ने पंजाब की युवा पीढ़ी को भारी नुकसान पहुंचाया है और लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार के माध्यम से हजारों युवाओं का जीवन बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि यदि ये दल फिर से सत्ता में आते हैं तो वे एक बार फिर पंजाब और उसके लोगों का शोषण करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करेंगे।
अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए सस्ती बिजली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक निजी थर्मल प्लांट खरीदने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ‘आप’ सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब की केवल 22 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक ही नहरी पानी पहुंचता था, जबकि आज यह दायरा बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने आगे कहा, “सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में दो से चार मीटर तक सुधार दर्ज किया गया है, जिससे जल स्तर में लगातार गिरावट की पुरानी प्रवृत्ति को पलटने में सफलता मिली है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार के गठन के बाद अब तक 67,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर और बिना किसी भ्रष्टाचार के प्रदान की गई हैं। उन्होंने ‘सड़क सुरक्षा बल’ की सफलता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राजमार्गों पर समय पर सहायता और बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से 2,700 से अधिक लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस समय पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं से अधिक मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। उन्होंने टिप्पणी की, “वे एकता दिखाने के लिए बस यात्राएं और फोटो खिंचवाने के अवसर तो पैदा कर सकते हैं, लेकिन हर कोई उनके आंतरिक मतभेदों को जानता है। ऐसी दिखावटी कवायदें उनके नेतृत्व संकट और आंतरिक कलह को छिपा नहीं सकतीं।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि ‘आप’ सरकार विभाजन और नफरत की राजनीति के बजाय विकास, जनकल्याण और काम की राजनीति में विश्वास रखती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती समृद्धि, प्रगति और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत उपजाऊ है। उन्होंने कहा, “यहां केवल एक चीज नहीं उग सकती, वह है नफरत। इसलिए भाजपा को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि वह पंजाबियों को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित कर सकती है। पंजाब के लोगों ने हमेशा विभाजनकारी राजनीति को नकारा है और वे राज्य की भाईचारे तथा एकता की गौरवशाली परंपराओं को आगे भी बनाए रखेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब ऐसे नए युग में प्रवेश कर चुका है जहां शासन का मूल्यांकन खोखले नारों और राजनीतिक नौटंकियों के बजाय कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जनसेवा के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, “पंजाब के लोगों ने फर्क देखा है। वे जानते हैं कि किसने राज्य के लिए काम किया और किसने अपने लिए। पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की ईमानदारी, समर्पण और जवाबदेही के साथ सेवा करती रहेगी।”
इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा और मोहिंदर भगत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
