Punjab News: भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति का असर, 10वीं बोर्ड परीक्षा में पहले तीन में दो स्थानों पर छात्राओं ने मारी बाजी

Punjab News:भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में शानदार बदलाव लाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं कक्षा के नतीजों ने न सिर्फ प्रभावशाली 94.52 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि मेरिट में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और लड़कियों के बढ़ते दबदबे को भी दर्शाया है।

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Punjab News:भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में शानदार बदलाव लाया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं कक्षा के नतीजों ने न सिर्फ प्रभावशाली 94.52 प्रतिशत पास प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि मेरिट में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और लड़कियों के बढ़ते दबदबे को भी दर्शाया है।इस परीक्षा में 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए, लड़कियों ने 95.96 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 रहा।

 सबसे बेहतरीन विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचा मिल रहा है

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों में पहले तीन स्थान हासिल करने वाले तीन विद्यार्थियों को पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ का सबूत बताते हुए कहा कि पंजाब के बच्चों में अथाह प्रतिभा है और अब उन्हें देश के सबसे बेहतरीन विद्यार्थियों के साथ मुकाबला करने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म और बुनियादी ढांचा मिल रहा है।

विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन विद्यार्थियों, हरलीन शर्मा, मनीमहेश शर्मा और रिया रानी ने क्रमशः 99.38 प्रतिशत, 99.23 प्रतिशत और 99.23 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इन विद्यार्थियों ने मेहनत, लगन और दृढ़ इरादे से यह सफलता हासिल की है। यह हमारे लिए गौरव का और यादगार मौका है। विद्यार्थी, उनके माता-पिता और शिक्षक इस उपलब्धि के लिए प्रशंसा के हकदार हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विद्यार्थी अपने साथियों और युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बनेंगे। वे अनगिनत अन्य विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि उन्हें उड़ान भरने के लिए पंख दिए जाएं तो वे हर क्षेत्र में ऊंचाइयों को छू सकते हैं। हमारी सरकार राज्य के हर विद्यार्थी को बेहतरीन स्कूली शिक्षा के लिए सबसे अच्छा माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तीनों विद्यार्थी अपनी पसंद की किसी भी स्ट्रीम में स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए प्रशंसा स्वरूप 50,000 रुपए के चेक भी सौंपे।

शिक्षा क्षेत्र में पंजाब की सफलता के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के सतत प्रयासों से पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए और शिक्षकों को बेहतरीन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया। ये सुधार अब प्रत्यक्ष नतीजे दे रहे हैं और पंजाब स्कूली शिक्षा में अग्रणी के रूप में उभर रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं, जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। पिछले चार सालों से पंजाब सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण विधियों और स्मार्ट क्लासरूमों पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है।”
इस दौरान तीनों विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विद्यार्थियों ने कहा कि सरकार द्वारा आईआईटी और जेईई कोचिंग तक मुफ्त पहुंच प्रदान करना उत्साहजनक है, जो आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल रहा है।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कल घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है

इस मौके पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।बच्चों से मुलाकात के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा कल घोषित 10वीं कक्षा के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पंजाब के बच्चों में प्रतिभा या योग्यता की कोई कमी नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं हरलीन शर्मा को 99.38 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त करने और मनीमहेश शर्मा तथा रिया रानी को क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए बधाई देता हूं। इन होनहार विद्यार्थियों की अथक मेहनत, उनके माता-पिता की प्रार्थनाओं और शिक्षकों की सही मार्गदर्शन ने आज पूरे पंजाब को गौरवान्वित किया है।”
पोस्ट के अंत में कहा गया कि “हमारी सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासशील है ताकि हर बच्चे को, चाहे वह गांव का हो या शहर का, बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए बराबर अवसर मिलें। मैं सभी सफल विद्यार्थियों को सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे इसी भावना से आगे बढ़ते रहें, देश और दुनिया भर में पंजाब का नाम रोशन करते रहें।”

पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ ने रिकॉर्ड नतीजे दिए, सरकारी स्कूल मेरिट में चमके, लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मार्च 2026 के 10वीं कक्षा के नतीजों ने एक बार फिर भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के परिवर्तनकारी प्रभाव को उजागर किया है, जिससे पंजाब ‘आप’ सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए व्यापक सुधारों के माध्यम से स्कूली शिक्षा में देश भर के अग्रणी राज्यों में से एक के रूप में उभरा है।
नतीजों के अनुसार कुल 2,69,505 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 2,54,744 विद्यार्थी पास हुए, जिससे कुल पास प्रतिशत 94.52 रहा। लड़कियों ने 95.96प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 रहा। अमृतसर जिले ने सबसे अधिक 98.41 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि लुधियाना जिले ने सबसे अधिक मेरिट पोजीशनें हासिल की।
भगवंत मान सरकार के अंतर्गत पंजाब के सरकारी स्कूलों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाते हुए 272 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया, जिनमें 220 लड़कियां और 52 लड़के शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी स्कूलों के 88 विद्यार्थी मेरिट सूची में शामिल हुए, जो यह दर्शाता है कि भगवंत मान सरकार का बेहतरीन शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षक प्रशिक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश कैसे ऐतिहासिक नतीजे दे रहा है।
पंजाब के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में 3,718 स्कूलों ने 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया, जिनमें 1,688 सरकारी स्कूल भी शामिल हैं। इन नतीजों को भगवंत मान सरकार के शिक्षा-केंद्रित शासन मॉडल के मजबूत समर्थन के रूप में देखा जा रहा है, जिसने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी कि आम परिवारों के बच्चों को शिक्षा में विश्व स्तरीय अवसर मिलें।

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