क्या फॉर्म 6 में बदलाव कर जनता को दिया गया धोखा! Rahul Gandhi के दावे पर बिफर उठा चुनाव आयोग, बताया भ्रामक

Rahul Gandhi: फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग को निशाने पर ले रहा है और ऐसे में बीते दिन कांग्रेस नेता की तरफ से कहा गया कि अब किसी सबूत की जरूरत नहीं है। इसमें बदलाव किया गया है जिस पर इलेक्शन कमीशन ने जवाब दिया।

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Photo Credit- Google Rahul Gandhi

Rahul Gandhi: फिलहाल देश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर मुद्दा गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार हमलावर है। SIR में धांधली और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप विपक्ष की तरफ से लगाया जा रहा है। वहीं इस सबके बीच बीते दिन राहुल गांधी ने एक पोस्ट के साथ लिखा था कि फॉर्म 6 में अवैध और एकतरफा तरीके से बदलाव किया गया। इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति का सहारा लिया लेकिन यह देखने के बाद इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया ने इस पर प्रतिक्रिया दी। फैक्ट चेक कर लोगों को आगाह किया है।

Rahul Gandhi ने इस तरह ज्ञानेश कुमार पर उठाया सवाल

दरअसल राहुल गांधी ने एक पोस्ट किया था जिसके साथ ही उन्होंने इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया के द्वारा जारी एक विज्ञप्ति को शेयर किया। इसे शेयर करते हुए कांग्रेस नेता ने कैप्शन में लिखा था कि “अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो चुकी है कि ज्ञानेश कुमार ने गैर कानूनी और एक तरफ तरीके से फ्रॉम 6 में बदलाव किया। यह इस बात का एक और सबूत है कि उन्होंने भाजपा की मदद करने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उनके साथ-साथ हमारी डेमोक्रेसी पर हुए इस आपराधिक हमले में शामिल हर व्यक्ति को जवाब देना पड़ेगा।”

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता को किया पलटवार

वहीं राहुल गांधी के इस पोस्ट को इलेक्शन कमीशन ने खुद ही शेयर करते हुए इस पर सफाई दी। फैक्ट चेक के साथ कहा कि “पोस्ट में दिया गया बयान भ्रामक है। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि “24 जून 2025 को जारी बिहार में SIR का आदेश आयोग की सर्व सम्मति से जारी किया गया था। इस आदेश को भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा है। प्रेस नोट संख्या 120 दिनांक 26 सितंबर 2026 के बिंदु 1 के तीसरे भाग में कहा है कि SIR के लिए फॉर्म 6 से जुड़ी घोषणा को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया है।”

गौरतलब है कि यह मुद्दा उस समय सामने आया है जब कहा जा रहा है कि 13 करोड़ वोटरों के साथ धांधली किया गया। SIR सूची में उनके नाम के साथ गड़बड़ी हुई है। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।

 

 

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