Rain Alert 23 March 2026: दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बढ़ेगी परेशानी, तो हरियाणा, पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की इस वजह से बढ़ी चिंता; पढ़े वेदर रिपोर्ट

Rain Alert 23 March 2026: मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जिसने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है।

Rain Alert 23 March 2026

फाइल फोटो

Rain Alert 23 March 2026: मार्च के महीने में जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने लगती है, वहीं इस बार मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 23 मार्च 2026 को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 23 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। माना जा रहा है कि इससे ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ेगी विजिबिलिटी कम होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मचेगी तबाही – Rain Alert 23 March 2026

राजधानी दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज हवाओं, बारिश और गरज-चमक के साथ हो रही गतिविधियों ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। विभाग के मुताबिक तेज आंधी (40–60 किमी/घंटा) चलने की उम्मीद है।

इसके अलावा बिजली गिरने की संभावना है। बता दें कि बारिश के कारण दिल्ली की सड़कों पर जाम लग जाता है। इसके अलावा लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं अगर एनसीआर की बात करें तो वहां भी स्थिति चिंताजनक बनी रह सकती है।

हरियाणा, पंजाब में ओलावृष्टि का अलर्ट

उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग ने हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस अचानक बदले मौसम ने खासकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में – तेज हवाएं (40–60 किमी/घंटा), गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। खासतौर पर खुले इलाकों और खेतों में नुकसान का खतरा ज्यादा है। इस समय रबी फसलें जैसे गेहूं, सरसों और चना पकने की अवस्था में हैं। ऐसे में ओलावृष्टिफसलों को गिरा सकती है दानों को नुकसान पहुंचा सकती है। कटाई से पहले ही उत्पादन घटा सकती है। किसानों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए अचानक मौसम बदलाव उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

 

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