Vikram Bhatt: मशहूर फिल्ममेकर और उनकी पत्नी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। मालूम हो कि धोखाधड़ी मामले में दंपत्ति को बीते साल यानि दिसंबर 2025 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसी बीच अब राजस्थान हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। माना जा रहा है कि इससे विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की मुश्किलें बढ़ सकती है। विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी भट्ट और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया था। चलिए आपको बताते है कि क्या है पूरा मामला?
क्या है पूरा मामला?
उदयपुर निवासी अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी भट्ट और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि फिल्म परियोजना के नाम पर ली गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया था। भट्ट ने एफआईआर को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि मामला निजी अधिकारों का है, आपराधिक नहीं।
याचिकाकर्ता के वकील ने न्यायालय में तर्क दिया कि विवाद मूल रूप से दो पक्षों के बीच अनुबंध के उल्लंघन का है, जो दीवानी प्रकृति का है, और उनके समझौते के अनुसार, विवादों के समाधान का अधिकार क्षेत्र मुंबई होना चाहिए था, न कि उदयपुर में, जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने एफआई रद्द करने से इंकार कर दिया था।
धोखाधड़ी मामले में Vikram Bhatt की बढ़ सकती है मुश्किलें
बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुनवाई के दौरान राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति समीर जैन ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह मामला केवल अनुबंध उल्लंघन का नहीं है, बल्कि प्रथम दृष्टया इसमें जानबूझकर धन का गबन और दुरुपयोग शामिल है। कोर्ट ने कहा कि “इनमें जानबूझकर धन का गबन, पारदर्शिता की कमी और बेईमानी के तत्व शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में फर्जी बिल और धन के लेन-देन के सबूत मिले हैं”। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों की मुश्किलें बढ़ सकती है।
