Homeदेश & राज्यकिसान कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज ने लिखा पत्र

किसान कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज ने लिखा पत्र

एक साल से ज्यादा समय हो गया है। कृषि कानूनों को लेकर देश और दुनिया में भारतीय किसानों की हालत किसी से छिपी नहीं है। इस बीच मोदी सरकार की तरफ से तमाम विरोध झेलने के बाद किसान कानून वापस ले लिया गया है।लेकिन किसान कानून वापस होने से भी किसान खुश नहीं हैं।

कृषि कानूनों पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को लिखा पत्र

इस बीच कृषि कानूनों पर बनाए गए पैनल के सदस्य अनिल घनवट ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर बड़ी मांग रखी है। जिसकी चर्चा अब मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर हो रही है। उन्होंने कहा कि, कृषि कानूनों को लेकर बनाए गए पैनल की गई सिफारिशों को सार्वजनिक कर दिया जाए। घनवट ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में तीनों कानून वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंन कहा कि , किसानों गलतफहमी भी दूर हो जाएगी।

पत्र में क्या-क्या लिखा है?

इसके साथ ही उनका कहना है कि, केंद्र सरकार की ओर से संसद के आगामी शीत सत्र में इन तीनों कानूनों को वापस लेने का फैसला किया गया है तो अब इस रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है। इस तरह उन्होंने किसान कानूनों को लेकर अपनी राय पत्र के माध्यम से पहुंचाने की कोशिश की है। किसान 40 सालों से कृषि सुधारों की मांग कर रहे थे। कानून वापस लेना अच्छा कदम नहीं है। घनवट ने कहा था कि मौजूदा कृषि प्रणाली उचित और पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट क्या जवाब देता है, इसका सभी को इंतजार है। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

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