Akhilesh Yadav: हाथी की चाल से क्रैश हुई साइकिल, विदेश भागे अखिलेश

Akhilesh Yadav को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 'हाथी की चाल से क्रैश हुई साइकिल' वाले तंज और विदेश दौरे पर सवाल खड़े हो रहे है।।

Akhilesh Yadav

फाइल फोटो

Akhilesh Yadav: इधर अखिलेश यादव चले विदेश, उधर समाजवादी पार्टी के सपा बहादुरों की महात्वाकांक्षा जगने लगी है। अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके अखिलेश यादव से अब उनके ही सांसदों और विधायकों का भरोसा उठने लगा है, और वो हाथी की सवारी करने को बेताब नजर आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति को झकझोरने वाली यह खबर मीडिया के माध्यम से सामने आई है और सोशल मीडिया पर तैर रही है। पिछले कई सालों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग-थलग मानी जा रही बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती ने अखिलेश यादव को ऐसा झटका दिया है कि सपाइयों की नींद ही उड़ गई है, खबर है कि सपा के 55 विधायक और 25 सांसद बसपा के संपर्क में हैं।

बसपा की एंट्री से क्या Akhilesh Yadav की बढ़ेगी मुश्किलें

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2027 विधानसभा चुनाव का माहौल बसपा के पक्ष में बह चला है। यही वजह है कि पीडीए-पीडीए का राग अलापने वाले अखिलेश भैया को उनके ही सिपाहियों ने ऐसा झटका दिया कि वो न घर के नजर आ रहे हैं और न घाट के। शायद अखिलेश को इसकी भनक लग चुकी थी, लिहाजा व लाल टोपी को उतार फेंका और जींस टीशर्ट धारण कर लंदन की चल दिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से घबराए विपक्षी 

बीते 10 वर्षों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चल रही विकास की लहर ने विपक्ष को इस कदर हतोत्साहित किया है कि उनके अपने चुने गए विधायकों और सांसदों को जनता के सवालों का जवाब नहीं मिल रहा है। अपनी राजनीति बचाने को वो बहन जी के साथ ही जाने को बेताब हैं।

दिलचस्प है कि 2027 के चुनाव में सपा के साथ अपना वजूद खोज रहे राहुल गांधी फिर पनौती साबित हो रहे हैं। इस चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन की लुटिया फिर डूबेगी यह तो सबको पता था, लेकिन चुनाव के पहले ही ऐसा होगा यह, दो लड़कों की आत्ममुग्ध जोड़ी को पता नहीं था।

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