‘निशाना बनाया गया…’ Akriti Chaudhary के सपोर्ट में हाईकोर्ट की टिप्पणी से खलबली! क्या है ‘ऑरवेलियन डिस्टोपिया’ जिसने हिला दिया सिस्टम

Akriti Chaudhary: नोएडा में मजदूर के प्रदर्शन को लेकर 25 वर्षीय लड़की को लगभग 5 महीने तक हिरासत में रखा गया जिस पर अब हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए प्रशासन व्यवस्था पर सवाल उठाया और और ऑरवेलियन डिस्टोपिया का जिक्र किया। जानिए क्या है पूरा मामला।

Akriti Chaudhary

Photo Credit- Google Akriti Chaudhary

Akriti Chaudhary: नोएडा में हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है जहां आकृति चौधरी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। 25 वर्षीय छात्रा के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तरफ से सख्त धाराएं लगाई गई थी और वह लगभग 5 महीने से जेल में बंद थी। अब कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है और चेतावनी दी है कि बिना जांच के ओहदे का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने ऑरवेलियन डिस्टोपिया शब्द का जिक्र किया लेकिन क्या आपको पता है कि इसका मतलब क्या है।

हाई कोर्ट ने Akriti Chaudhary के सपोर्ट में कहीं ये बात

आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया जिसकी वजह से उन्हें 5 महीने जेल में बंद रखा गया था। इस दौरान हाई कोर्ट ने जॉर्ज ऑरवेल की किताबों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर प्रशासनिक अधिकारी किसी रोक-टोक के अपनी ताकतों का गलत इस्तेमाल करते रहे, तो उत्तर प्रदेश का माहौल एक ऑरवेलियन डिस्टोपिया राज्य जैसा बन जाएगा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अधिकारियों का यह रवैया ब्रिटिश शासन के काले दौर की याद दिलाता है।

प्रशासन पर आकृति चौधरी मामले में हाईकोर्ट ने लगा दी वाट

रिपोर्ट की माने तो आकृति चौधरी के सपोर्ट के अलावा हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट के काम पर भी सवाल उठाया और गैर जिम्मेदाराना बताया। कोर्ट के मुताबिक पुलिस रिपोर्ट के आधार पर इतना बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए था। पूरी तरह से जांच करनी चाहिए थी। ऐसा लग रहा है जैसे छात्र को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि आम लोग इस तरह से सवाल उठाने से पहले सोचे। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि जब प्रशासन से इसके खिलाफ सबूत मांगा गया तब वह दे नहीं पाए। निर्दोष होने के बाद आकृति चौधरी को 5 महीने जेल की सलाखों के पीछे गुजरना पड़ा है।

क्या है ट्रेंडिंग शब्द ‘ऑरवेलियन डिस्टोपिया’ जिसका हाईकोर्ट ने किया जिक्र

‘ऑरवेलियन डिस्टोपिया’ का मतलब एक ऐसी भयानक और दमनकारी समाज और शासन व्यवस्था से है जहां आम जनता पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण जमा लेती है। निरंकुश सरकार जो लोगों की आजादी खत्म कर देती है और 24 घंटे उन पर नजर रखती है। लेखक जॉर्ज ऑरवेल ने ‘1984’ नाम से एक बहुत मशहूर उपन्यास लिखा था। यहां उन्होंने एक काल्पनिक दुनिया दिखाई थी जहां सरकार लोगों के हर कदम को नियंत्रित करती है। आकृति चौधरी के मामले में हाई कोर्ट ने जिस तरह से सपोर्ट दिखाया है वह चर्चा में है।

 

 

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