CM Yogi Adityanath: किसानों की खेती उत्तम बन सके और उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं मिल सके इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। वही इस सबके बीच कानपुर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल की हर जगह चर्चा हो रही है। जहां उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स क्या है।
क्या है CM Yogi Adityanath की प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026 का मकसद
प्राकृतिक कृषि का संदेश
उपजाऊ धरती, स्वस्थ प्रदेश…प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।… pic.twitter.com/dWgV6q5dG2
— Government of UP (@UPGovt) June 18, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने x प्लेटफार्म पर कहा, “प्राकृतिक कृषि का संदेश, उपजाऊ धरती, स्वस्थ प्रदेश… प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अन्नदाता किसानों को प्राकृतिक कृषि के लाभों से अवगत कराना तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।”
आखिर कैसे सीएम योगी किसानों के हित में ले रहे फैसले
सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा इस अवसर पर प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे अन्य अन्नदाता भी इस अभिनव पहल के लिए प्रेरित हों। प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, भूमि की उर्वरता संरक्षित करने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘उपजाऊ धरती, स्वस्थ देश’ के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित कर रहा है।
आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित करने के लिए प्रयासरत यूपी सरकार
खेती और किसानों के लिए किए गए यह हितकारी फैसला सीएम योगी आदित्यनाथ का आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित करने के लिए काफी है। यह बताता है कि वह स्वस्थ समाज के निर्माण में किस हद तक एकजुट है और लोगों को हर संभव इस क्षेत्र में फायदा हो सके इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
