सीसीटीवी से लेकर स्ट्रीट लाइट तक, कांवड़ यात्रा के बीच CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की, साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की, इस दौरान उन्होंने जरूरी दिशा-निर्देश दिए है। गौरतलब है कि यूपी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा लेकर हरिद्वार से जल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते है। इसी को ध्यान में रखते हुए CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ बैठक की है। जारी निर्देश के अनुसार कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए।

संवेदनशील जगहों पर CCTV और ड्रोन के ज़रिए 24 घंटे निगरानी रखी जानी चाहिए। सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और गुमराह करने वाली जानकारी का तुरंत खंडन किया जाना चाहिए और अफ़वाहें फैलाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांवड़ यात्रा के बीच CM Yogi Adityanath का सख्त दिशा-निर्देश

अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “कांवड़ यात्रा का रास्ता पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित होना चाहिए। खराब सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग, साफ-सफाई, पीने का पानी, शौचालय और अन्य ज़रूरी सुविधाओं का इंतज़ाम पक्का किया जाना चाहिए।

यात्रा के रास्ते में पड़ने वाली मांस और शराब की दुकानें बंद रहनी चाहिए। खाने-पीने की चीज़ों में मिलावट, गंदगी और तय दाम से ज़्यादा पैसे वसूलने जैसी बातें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हर दुकान पर संचालक का नाम साफ़-साफ़ लिखा होना चाहिए और डीजे की आवाज़ तय मानकों के अनुसार होनी चाहिए”।

व्यवस्था का स्तर एक जैसा होना चाहिए – सीएम योगी आदित्यनाथ

CM Yogi Adityanath ने आगे कहा कि “कांवड़ यात्रा अब राज्य के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं रही है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लाखों श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में, हर जिले में व्यवस्था का स्तर एक जैसा होना चाहिए। स्थानीय प्रशासन को कांवड़ संघों के साथ लगातार बातचीत बनाए रखनी चाहिए,

कैंप संचालकों का समय पर वेरिफिकेशन सुनिश्चित करना चाहिए, और कांवड़ की तय ऊंचाई के नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना चाहिए”।

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