CM Yogi Adityanath का बड़ा फैसला! आशा, आंगनबाड़ी सहित इन कर्मियों को तय तिथि पर मिलेगा वेतन, समीक्षा बैठक कर दिए निर्देश

CM Yogi Adityanath ने आज लखनऊ में वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की है। विभागीय मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक के दौरान कई पहलुओं पर चर्चा हुई और अहम फैसले हुए हैं।

CM Yogi Adityanath: राजधानी लखनऊ में आज वित्त विभाग की अहम समीक्षा बैठक हुई है। इस बैठक की अध्यक्षता सीएम योगी आदित्यनाथ ने की है। विभागीय मंत्री सुरेश खन्ना की उपस्थिति में संपन्न हुई इस बैठक के दौरान कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल से साझा की गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में स्पष्ट किया गया है कि आशा, आंगनबाड़ी और अल्प-वेतनभोगी कर्मियों को निर्धारित समय पर वेतन उपलब्ध कराया जाए। इससे इतर सीएम योगी ने सभी विभागों को 15 अप्रैल तक वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत कराने के निर्देश दिए हैं। 

लखनऊ में CM Yogi Adityanath की अहम समीक्षा बैठक!

वित्त विभाग की अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई निर्देश भी जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आधिकारिक हैंडल से इस संदर्भ में जानकारी दी गई है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय वाले हैंडल से बताया गया है कि लखनऊ में आज वित्त विभाग की विस्‍तृत समीक्षा हुई। इस बैठक में बजट प्रबंधन, राजकोषीय स्थिति, पूंजीगत व्यय, डिजिटल वित्तीय सुधार, कोषागार एवं पेंशन व्यवस्था पर चर्चा हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। 50 करोड़ तक विभागीय मंत्री, 150 करोड़ तक वित्त मंत्री तथा इससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर से होगी।

मुख्यमंत्री ने ये भी स्पष्ट किया है कि यूपी के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत आशा व आंगनबाड़ी सहित अल्प-वेतनभोगी कर्मियों का मानदेय निर्धारित तिथि दिया जाएगा। सीएम योगी ने सभी विभागों को 15 अप्रैल तक वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत कराने के निर्देश दिए हैं। अब शासकीय भवनों में भी सड़क परियोजनाओं की तरह 5 वर्ष की अनुरक्षण व्यवस्था लागू होगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए आईआईटी/एनआईटी से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा।

सीएम योगी के नेतृत्व में नए कीर्तिमान रच रहा यूपी!

उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नित नए कीर्तिमान रच रहा है। लखनऊ में वित्त विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस संदर्भ में जानकारी दी गई। मीटिंग में बताया गया कि 2023–24 में यूपी का 110555 करोड़ का पूंजीगत व्यय देश में सर्वाधिक रहा है। इतना ही नहीं कुल व्यय का 9.39 फीसदी निवेश पर खर्च कर राज्य प्रथम स्थान पर रहा और 2024–25 में कुल देयताएं घटकर जीएसडीपी के 27 फीसदी पर आ गईं है। नीति आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र हुआ जिसके मुताबिक कंपोजिट फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2014 में 37 से बढ़कर 2023 में 45.9 हो गया है। ये दर्शाता है कि कैसे सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी नित नए कीर्तिमान रच रहा है। 

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