Rain Alert 26 Feb 2026: देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 26 फरवरी 2026 को जारी ताजा वेदर अपडेट के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है। खासकर Kerala में मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं, जबकि अन्य राज्यों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं अगर पहाड़ों की बात करें तो विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी कर दिया है।
दो कमज़ोर पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 26-28 फरवरी और 2-3 मार्च, 2026 के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की वर्षा/बर्फबारी की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में इस हफ़्ते अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस ज़्यादा रहने की संभावना है। चलिए आपको बताते है देशभर का वेदर रिपोर्ट।
केरल में मूसलाधार बारिश से मची भयंकर तबाही – Rain Alert 26 Feb 2026
मौसम विभाग के अनुसार, केरल के कई जिलों में लगातार तेज बारिश दर्ज की गई है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर ट्रैफिक जाम और कुछ जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों को नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक दक्षिणी राज्यों में बारिश और तूफान का असर जारी रह सकता है। वहीं कुछ अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने जा रहा है। विभाग के मुताबिक देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्र प्रयाग, टिहरी और पिथौरागढ़ समेत खई जगहों पर बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री, गंंगोत्री, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग में भी विभाग की तरफ से बर्फबारी का अलर्ट जारी कर दिया गया है।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) चल सकती हैं। कई क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के पांच दिनों में इसमें 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी। देश के शेष हिस्सों में भी अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
