क्या चूड़ी-बिंदी पर बैन और हिजाब को प्रमोट कर रहा लेंसकार्ट, धार्मिक भेदभाव के आरोप पर Peyush Bansal ने माफी मांग दी सफाई

Peyush Bansal: क्या लेंसकार्ट द्वारा स्टाइल गाइड में कंपनी द्वारा सिंदूर, बिंदी तिलक पर रोक और हिजाब के साथ पगड़ी की इजाजत दी है। आइए जानते हैं आखिर क्यों बवाल मचा जिस पर पियूष बंसल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

Peyush Bansal

Photo Credit- Google Peyush Bansal

Peyush Bansal: बिलियन डॉलर कंपनी और युवाओं का स्टाइलिश ब्रांड लेंसकार्ट फिलहाल विवादों के घेरे में है जहां धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। एक डॉक्यूमेंट्री वायरल हो रही है जहां यह दिखाया गया है कि लेंसकार्ट अपने स्टाफ को चूड़ी, बिंदी अलावा जैसी चीजों को बैन किया है और हिजाब पगड़ी की इजाजत दी है। फाउंडर पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x के जरिए इस बारे में सफाई भी है। निश्चित तौर पर विवाद को लेकर माफी की मांग की है लेकिन उसके पीछे क्या है पूरी सच्चाई आइए जानते हैं।

Peyush Bansal ने वायरल पॉलिसी को बताया निराधार

पीयूष बंसल ने कहा, “हाय सब लोग। मैं देख रहा हूं कि लेंसकार्ट के बारे में एक गलत पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है। मैं सीधे कहना चाहता हूं कि यह डॉक्यूमेंट हमारी अभी की गाइडलाइंस को नहीं दिखाता है। हमारी पॉलिसी में बिंदी और तिलक सहित किसी भी तरह के धार्मिक व्यवहार पर कोई रोक नहीं है, और हम अपनी गाइडलाइंस को रेगुलर रिव्यू करते रहते हैं। हमारी ग्रूमिंग पॉलिसी इतने सालों में बदली है और पुराने वर्शन आज हम जो हैं, उसे नहीं दिखाते। इस स्थिति से हुई कन्फ्यूजन और चिंता के लिए हम माफी चाहते हैं।”

धर्म और संस्कृति को लेकर क्या बोले पीयूष बंसल

लेंसकार्ट फाउंडर ने कहा कि हम एक कंपनी के तौर पर सीखते और बनाते रहते हैं। हमारी भाषा या पॉलिसी में कोई भी कमी है तो उसे ठीक किया गया है और किया जाता रहेगा। पूरे भारत में हमारे हजारों टीम मेंबर हैं जो हर दिन हमारे स्टोर पर गर्व से अपने धर्म और संस्कृति को दिखाते हैं। वे लेंसकार्ट हैं। लेंसकार्ट भारत में, भारतीयों द्वारा, भारतीयों के लिए बनाया गया था। हमारे लोगों का हर निशान और हर परंपरा हमारी कंपनी का हिस्सा है। मैं इससे कभी समझौता नहीं होने दूंगा।

क्या है वायरल पॉलिसी की सच्चाई

पीयूष बंसल ने आगे कहा, “मैंने आपकी चिंताएं सुनी हैं और मैं इस बारे में आपकी भावना समझता हूं। मैं अपनी पिछली पोस्ट में और कॉन्टेक्स्ट जोड़ना चाहता हूं। अभी जो डॉक्यूमेंट सर्कुलेट हो रहा है, वह एक पुराना इंटरनल ट्रेनिंग डॉक्यूमेंट है। यह कोई HR पॉलिसी नहीं है। इसके बावजूद, इसमें बिंदी/तिलक के बारे में एक गलत लाइन थी जो कभी नहीं लिखी जानी चाहिए थी और यह हमारी वैल्यूज़ या असल प्रैक्टिस को नहीं दिखाती है। जब हमें 17 फरवरी को यह पता चला, इससे बहुत पहले कि यह पब्लिक में बात करे, हमने इसे तुरंत हटा दिया।”

पीयूष बंसल ने मानी ये गलती

लेंसकार्ट फाउंडर ने कहा कि लेकिन मुझे यह पहले ही पकड़ लेना चाहिए था। फाउंडर और CEO के तौर पर, ऐसी गलतियों की ज़िम्मेदारी मेरी है। मैंने अपनी टीम से ऐसे सभी मटीरियल को और सख्ती से रिव्यू करने के लिए कहा है, और मैं पर्सनली यह पक्का करूँगा कि आगे से इस पर ध्यान दिया जाए। हम यह भी देख रहे हैं कि यह हमारे ट्रेनिंग कंटेंट में कैसे आया।

धार्मिक एक्सप्रेशन पर रोक को लेकर क्या है लेंसकार्ट की पॉलिसी

मैं बिल्कुल साफ़ कर दूं। लेंसकार्ट किसी भी तरह के सम्मानजनक धार्मिक एक्सप्रेशन पर रोक नहीं लगाता है और न ही कभी लगाएगा। इसमें बिंदी, तिलक, या आस्था के ऐसे कोई भी सिंबल शामिल हैं। हमारी टीम के मेंबर हमेशा से गर्व के साथ अपनी मान्यताओं को बताने के लिए आज़ाद रहे हैं, और हमेशा रहेंगे। मैं उन सभी का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने यह मुद्दा उठाया। आपकी आवाज़ हमें बेहतर बनाने और हम जिस चीज़ के लिए खड़े हैं, उस पर टिके रहने में मदद करती है।”

 

 

 

Exit mobile version