Diljit Dosanjh की फिल्म Satluj के विवाद का असली कारण, OTT से हटने के बाद एक्टर का बड़ा बयान

Diljit Dosanjh: पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' रिलीज के 48 घंटे के भीतर ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा गई है। जिसके कारण एक्टर का बयान सामने आया है। यहां जानें पूरा विवाद।

Diljit Dosanjh

Picture Credit: Google

Diljit Dosanjh: पंजाबी  सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, उनकी फिल्म  ‘सतलुज’  ओटीटी पल्टफॉर्म ZEE5  पर रिलीज की गई थी। लेकिन रिलीज के 47 घंटे के बाद इसे डिलीट कर दिया गया है। जिसके बाद दिलजीत की तरफ से बयान आया है। जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। आपको बता दें, ‘सतलुज’  फिल्म पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। मूवी में विवादित सीन होने के कारण सेंसर बोर्ड रिलीज करने के लिए 127 कट्स की मांग की थी। लेकिन मेकर्स ने थिएटर रिलीज न मिलने पर  3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर ‘अनकट’ वर्जन रिलीज कर दिया। विवाद बढ़ने पर फिर इसे हटा दिया गया है।

Diljit Dosanjh ने Satluj  के ZEE5 से हटने पर क्या कहा?  

ओटीटी से ‘सतलुज’ फिल्म के हटाए जाने के तुरंत बाद दिलजीत ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पर पोस्ट लिखते हुए अपनी नराजगी जताई। उन्होंने लिखा, ‘# ichallengethedarkness शहीद जसवंत सिंह खालड़ा जी। ‘सतलुज’ फिल्म के साथ भी बिल्कुल वही हुआ जो असल जिंदगी में खालड़ा साहब के साथ हुआ था।” वहीं,निर्देशक हनी त्रेहन की तरफ से भी  बयान आया है। जिसमें  उन्होंने कहा कि,’ फिल्म में एक भी कट नहीं है। सिर्फ कुछ कारणों से हमें ‘पंजाब 95’ नाम नहीं मिल सका और इसका नाम ‘सतलुज’ करना पड़ा। अगर इसमें एक भी कट होता, तो मैं इस फिल्म को कभी प्रमोट नहीं करता।’

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’  विवादों में क्यों घिरी?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म ‘सतलुज’  पंजाब में 1980-1990 के दशक में हुए  फर्जी मुठभेड़ों और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे  विषय पर बनी है। यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने पुलिस द्वारा गायब किए गए हजारों लावारिस शवों का सच उजागर किया था और बाद में खुद भी लापता  हो गए थे। मूवी में काफी विवादित था जिसके कारण सेंसर बोर्ड ने इसे हरी झंडी नहीं दिखाई। चार सालों तक ये फिल्म सेंसर बोर्ड में लटकी रही। करीब चार सालां तक कानूनी विवाद में फंसी इस फिल्म का बजट 4 करोड़ के आस-पास है। फिलहाल ये भारत ये हटा दी गई है।

 

Exit mobile version