Health Tips: दोपहर का खाना खाते हुए आप भी तो नहीं करते ये गलती, पेट के लिए है खतरनाक!

Health Tips: पेट और पाचन को सही रखने के लिए डॉक्टर के द्वारा लंच करने का सही तरीका बताया जा रहा है. हर व्यक्ति को दोपहर में खाना खाते हुए ये गलतियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए.

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Health Tips: अगर आप भी दोपहर के भोजन के बाद कुछ गलतियां करते हैं तो पेट की समस्याएं पैदा हो सकती हैं. लंच के दौरान क्या करना चाहिए, इसकी जानकारी डॉक्टर सुभाष गोयल दे रहे हैं.उनका कहना है कि, दोपहर के भोजन का सह तरीका यह है कि , आप खाने के बाद 30 से 45 मिनट तक बाईंतरफ लेट सकते हैं, तभी पेट भरकर और भारी  लंच करना चाहिए. इसके साथ ही वो कई महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं.

Health Tips: दोपहर में किसी तरह भोजन करना चाहिए?

डॉक्टर सुभाष गोयल का कहना है कि, दोपहर का खाना पेट भरकर होना चाहिए, बशर्ते आपके पास उसके बाद आराम करने का समय हो।लेटने का सही तरीका बताते हुए वो कहते हैं कि, खाना खाने के बाद केवल लेटना है, सोना नहीं है। लेटना भी हमेशा बाई तरफ चाहिए. इसका कारण बताते हए कह रहे हैं कि,बाई तरफ लेटने से पाचन क्रिया बेहतर होती है क्योंकि हमारा लीवर बाई दूसरी तरफ होता है और इस स्थिति में भोजन आसानी से पचता है.

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अगर आप सो जाते हैं, तो यह सुस्ती का कारण बनता है. इसके साथ ही वो हैवी भोजन उन लोगों को ना करने की सलाह दे रहे हैं.उनका कहना है कि, लंच के तुरंत बाद आपको कंप्यूटर पर बैठना है, भाग-दौड़ करनी है, या गाड़ी चलाकर तुरंत निकलना है, तो दोपहर में ज्यादा या भारी खाना नहीं खाना चाहिए। ऐसे में हल्का भोजन ही करना है. क्योंकि ये आदत आपका पेट खराब कर सकती है. पाचन शक्ति को अच्छा रखने के लिए जरुरत के हिसाब से लंच को चुनें.

 डाइट में किन चीजों का करें सेवन?

डॉक्टर गोयल लंच डाइट प्लान के बारे में बता रहे हैं,   सुबह का नाश्ता बहुत भारी और दोपहर का भोजन हल्का होना चाहिए. वो  इस ट्रिक को सही नहीं मानते हैं.आयुर्वेद के हिसाब से दोपहर का भोजन मुख्य और अच्छा होना चाहिए और रात का खाना सूर्यास्त से पहले या शाम 5-6 बजे तक बेहद हल्का खाना चाहिए . इससे पेट और पाचन तंत्र दोनों ही ठीक रहते हैं.

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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