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ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर कर देगा स्पूतनिक वैक्सीन, इस इंस्टीट्यूट ने किया बड़ा दावा

ओमिक्रॉन को लेकर गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने दावा किया है कि स्पूतनिक वी और स्पुतनिक लाइट वैक्सीन इसके खिलाफ बेहद कारगर है.

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है. हालांकि इस बड़े खतरे को देखते हुए जहां एहतियात बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक अच्छी खबर सामने आई है. ओमिक्रॉन को लेकर गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने दावा किया है कि स्पूतनिक वी और स्पुतनिक लाइट वैक्सीन इसके खिलाफ बेहद कारगर है.

इंस्टीट्यूट ने क्या कहा
गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने दावा किया है कि, “स्पूतनिक वी और लाइट ओमिक्रॉन को बेअसर कर देगा. यदि इसमें किसी संशोधन की जरूरत नहीं हुई तो हम 20 फरवरी, 2022 तक कई सौ मिलियन स्पूतनिक ऑमिक्रॉन बूस्टर प्रदान करेंगे.”

वैज्ञानिक हैं हैरान
कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर वैज्ञानिक बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं. विशेषज्ञों ने कहा है कि, “इस वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों पर वैक्सीन का असर भी कम हो सकता है. 30 से ज्यादा म्यूटेशन की वजह से अधिक संक्रामक है ओमिक्रॉन”

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एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि, “कोरोना के इस नए वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक बदलाव हुए हैं जिससे इसे एक इम्यूनोस्केप तंत्र विकसित करने की क्षमता मिलती है. स्पाइक प्रोटीन की उपस्थिति से किसी भी मानव शरीर के कोशिकाओं में वायरस को प्रवेश की सुविधा मिलती है. इसे ही व्यक्ति के शरीर को संक्रमणीय बनाने और संक्रमण पैदा करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है.”

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