Intermittent Fasting : फिट रहने के लिए लोग इंटिमिटेंट फास्टिंग करते हैं. इसमें 16 घंटे का उपवास रखना होता है. इससे शरीर पर जमीं चर्बी और वजन तेजी से घटता है. मेटाबॉलिज्म ठीक करने के लिए ये बहुत ही फायदेमंद होती है. कुछ दिनों से सेलिब्रेटीज के बीच इंटिमिटेंट फास्टिंग का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसके पीछे का कारण इसके अनेक फायदें हैं. लेकिन क्या आपको पता है, 16 घंटे की फास्टिंग के दौरान अगर कुछ गलतियां होती हैं तो ये हेल्थ का कबाड़ा कर देती है. इसके नुकसानों के बारे में डॉक्टर के बारे में बताया जा रहा है.
Intermittent Fasting के नुकसान डॉक्टर ने बताए
इंटिमिटेंट फास्टिंग के 5 नुकसानों के बारे में डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी बता रही हैं. उनका कहना है कि, इंटिमिटेंट फास्टिंग अगर डॉक्टर की सलाह से की जाए तो इसके फायदे ही फायदे हैं, लेकिन अगर अपनी मर्जी से की जाए तो ये एक नहीं अनेक नुकसान करते हैं.
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शुगर लेवल बिगड़ सकता है
डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी बता रही हैं कि, इंटिमिटेंट फास्टिंग के दौरान अगर हद से ज्यादा चाय या फिर कॉफी का सेवन किया जाए तो ये शुगर लेवल के साथ ब्लड शुगर लेवल बिगाड़ सकती है. इसके माइग्रेन और मूड स्विंग होते हैं.
बाल झड़ने लगते हैं
महिला डॉक्टर के द्वारा बताया जा रहा है कि, इंटिमिटेंट फास्टिंग से शरीर में हार्मोंस बिगड़े लगते हैं. जिसकी वजह से बाल झड़ने लगते हैं. इसके साथ ही चेहरे की रंगत भी बिगड़ सकती है.
पीरियड की डेट बिगड़ सकती है
इंटिमिटेंट फास्टिंग पीरियड प्रोबल्म पैदा कर सकती है. डेट बिगड़ने से हेल्थ प्रोब्लम हो सकती है. इसके साथ ही पेट में दर्द बढ़ सकता है.
प्रोटीन की कमी हो सकती है
घंटों तक भूखा रहने से शरीर में प्रोटीन की कमी होने लगती है. जिसकी वजह से कमजोरी, थकान, त्वचा की समस्याएं, इंफेक्शन और हड्डियों में दर्द बढ़ सकता है.
इंटिमिटेंट फास्टिंग बना सकती है फैटी लिवर का मरीज
इंटिमिटेंट फास्टिंग में 12 से ज्यादा घंटों तक भूखा रहना होता है. जिसकी वजह से कुछ लोग अचानक से काफी सारा खाना शुरु कर देते हैं. जिसकी वजह से फैटी लिवर और भी ज्यादा बिगड़ सकता है. लिवर पर ये बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
