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World Heart Day 2022, 29 September: हार्ट के मरीजों को किन चीजों का रखना चाहिए ध्यान, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

World Heart Day 2022, 29 September: ह्रदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी गति के साथ इंसान की गति भी चलती रहती है। मगर ये थम जाए तो व्यक्ति की भी जिंदगी थम जाती है। आज कल के समय से हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हार्ट की बीमारी से पीड़ित हैं।

खराब लाइफस्टाइल के कारण झेलनी पड़ती है ये समस्या

व्यक्ति के खराब लाइफस्टाइल के कारण उन्हे हार्ट की बीमारी का सामना करना पड़ता है। इस चीज से बचाव एवं इसके महत्व को समझाने के लिए प्रतिवर्ष 29 सितंबर को विश्व ह्रदय दिवस मनाया जाता है। इसमें लोगों को हार्ट के विषय में समझाया जाता है।

हार्ट डे के मौके पर डॉ प्रियांक सौरव से हुई खास बातचीत

विश्व ह्रदय दिवस के मौके पर डीएनपी इंडिया की डॉ प्रियंक सौरव से खास बातचीत हुई। इसमें उन्होंने हार्ट की बीमारी के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि हार्ट की बीमारी से व्यक्ति को बचाने के लिए इलाज को 4 स्टेज में बांटा गया है।

प्रिमॉर्डिअल लेवल: इस स्तर में व्यक्ति को बीमारी के किसी भी प्रकार का रिस्क फैक्टर नहीं रहता है। फिर भी उन्हें कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है। जिससे वो हार्ट की बीमारी से दूर रहेंगे।

प्राइमरी लेवल: ये स्टेज तब से शुरू होता है। जब से व्यक्ति में हार्ट की बीमारी होने का खतरा बनने लगता है। जैसे कोई व्यक्ति नियमित शराब या नशीली पदार्थों का सेवन कर रहा है। इस स्थिति में व्यक्ति को नशीली पदार्थों का सेवन रोक देना चाहिए। इसके साथ मोटापे पर भी खास ध्यान रखना चाहिए। हार्ट की बीमारी में मोटापा सबसे बड़ा कारण बन सकता है। इसके लिए बेहतर डाइट और एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है। वरना ये समस्या भारी पड़ सकती है।

सेकेंडरी लेवल: आपको बता दें, अगर कोई व्यक्ति किसी बीमारी और हाइपर टेंशन से ग्रसित है।तब इस स्थिति में भी एक बेहतर इलाज से बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा व्यक्ति को खुद से भी काफी चीजों का पालन करना चाहिए। डॉ प्रियांक ने बताया कि अधिकतर केसेज में ऐसा ही होता है की बेहतर इलाज के साथ डाइट एवं लाइफस्टाइल का ध्यान अच्छे से रखा जा रहा है तो व्यक्ति जल्द ही बीमारी से रिकवर हो जाता है।

टर्शीएरी लेवल: ये स्टेज तब उत्पन्न होती है जब बीमारी अंतिम लेवल पर पहुंच जाती है। इसमें व्यक्ति को ठीक कर पाना बहुत मुश्किल होता है। मगर इसमें मरीज को स्पेशल ट्रीटमेंट एवं एडमिट कर इलाज किया जाता है। अगर इलाज सही ढंग से करवाया जाए तो व्यक्ति की जान भी बच जाती है।

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कुछ सावधानी बरतने की है जरूरत

डॉ प्रियांक ने बताया की हार्ट डिजीज में कुछ चीजों को अपनाना बहुत जरूरी होता है। इससे व्यक्ति स्वास्थ्य महसूस करता है और बीमारी से जल्द ही रिकवर हो जाता है। जो लोग ब्लड शुगर एवं ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। उन्हे अपनी सेहत का विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। इसके साथ कोलेस्ट्रोल का संतुलन रहना बहुत जरूरी है। कभी भी बैड कोलेस्ट्रोल की मात्रा शरीर में नहीं बढ़नी चाहिए। ये बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा व्यक्ति को अपने खान-पान पर ध्यान देने की जरूरत है।

डॉ प्रियांक से बात करने के दौरान पता चला की बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने से लोग बहुत सारी बीमारियों से मुक्त रहते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन हार्ट की बीमारी एवं अन्य बीमारियों के लिए वर्जित है। वीकली एवं डेली एक्सरसाइज से मेंटल एंड फिजिकल हेल्थ काफी बेहतर रहता है। इसलिए सभी व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य के लिए सबसे पहले बेहतर डाइट और लाइफस्टाइल का पालन करना चाहिए।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, DNP INDIA न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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